देश का सबसे खतरनाक और वांटेड नक्सली कमांडर माडवी हिडमा आखिरकार सुरक्षा बलों द्वारा मार गिराया गया है। यह वही हिडमा है जिसके बारे में भारत के गृहमंत्री अमित शाह ने कि नक्सली या तो मुख्यधारा में लौट आएं अथवा सुरक्षा बल उन्हें न्यूट्रलाइज कर देंगे। शाह की इस साफ चेतावनी के सिर्फ 17 दिन बाद आंध्र प्रदेश पुलिस ने मारेदुमिल्ली क्षेत्र में ऑपरेशन के दौरान हिडमा सहित 5 नक्सलियों को ढेर कर दिया। हिडमा के मारे जाने के बाद नक्सल आंदोलन को एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
26 बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था हिडमा
हिडमा नक्सली संगठन की सबसे खतरनाक डीविजन पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) की बटालियन नंबर 1 का शीर्ष कमांडर था। उस पर 2013 के दरभा घाटी नरसंहार, 2017 के सुकमा हमले और कई अन्य बड़े नक्सली हमलों की प्लानिंग का आरोप था। उसके सिर पर एक करोड़ रुपये का इनाम था और उसे भारत के सबसे खतरनाक वांटेड नक्सलियों में गिना जाता था। सुरक्षा एजेंसियों के लिए हिडमा तक पहुंचना मुश्किल माना जाता था क्योंकि वह घने जंगलों में स्थानीय नेटवर्क की मदद से बच निकलता था।
अमित शाह का बड़ा बयान
अमित शाह से पूछा गया था कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने के सरकार के वादे की प्रगति क्या है और हिडमा जैसे नक्सली अब तक कैसे बचे हुए हैं। इस पर अमित शाह ने कहा था कि एक समय देश के 130 जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे, लेकिन आज यह संख्या 11 तक सीमित रह गई है। उन्होंने कहा था कि ढेर सारे नक्सलियों को मार गिराया गया है, कई गिरफ्तार हुए और कई ने सरेंडर किया है। शाह ने साफ घोषणा की थी कि बाकी जो थोड़े बचे हैं उन्हें भी जल्द खत्म कर दिया जाएगा।
मुख्यधारा में लौटने या कार्रवाई, दोनों विकल्प थे साफ
गृहमंत्री ने मंच से नक्सलियों को खुली चेतावनी देते हुए कहा था कि वे हथियार डालकर मुख्यधारा में लौट आएं। सरेंडर करने वाले नक्सलियों के लिए रिहैब सेंटर, साइकैट्रिस्ट केयर, रोजगार कौशल विकास और पुनर्वास योजनाएं मौजूद हैं। लेकिन शाह ने यह भी स्पष्ट किया था कि जो दुर्दांत नक्सली हैं, जिन पर भरोसा नहीं किया जा सकता, उन पर सुरक्षा एजेंसियां कड़ी नजर रख रही हैं और किसी भी स्थिति में पुलिस पीछे नहीं हटेगी।
17 दिन के भीतर ऑपरेशन में हिडमा ढेर
अमित शाह की चेतावनी के केवल 17 दिन बाद आंध्र प्रदेश की विशेष पुलिस ने मारेदुमिल्ली इलाके में संयुक्त अभियान चलाते हुए माडवी हिडमा सहित 5 नक्सलियों को मार गिराया। अधिकारी बताते हैं कि यह ऑपरेशन लंबे समय से प्लान किया जा रहा था और सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर इसे अंजाम दिया गया। शाह ने अभियान में शामिल सुरक्षा कर्मियों को बधाई दी और कहा कि यह नक्सलवाद मुक्त भारत के लक्ष्य में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
हिडमा की मौत से कमजोर पड़ेगा लाल आतंक
हिडमा की मौत से सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी राहत मिली है क्योंकि वह नक्सलियों के लिए रणनीतिक और ऑपरेशनल दोनों ही स्तर पर सबसे अहम व्यक्ति था। उसके मारे जाने से नक्सली संगठनों की रीढ़ टूटने की संभावना बढ़ गई है। अधिकारी मानते हैं कि PLGA बटालियन नंबर 1 अब नेतृत्व संकट का सामना करेगी और जंगलों में होने वाले नक्सली हमलों में भारी कमी आ सकती है।





