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Aaj Ka Panchang 29 December 2025

22 नवंबर 2025 पंचांग: मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, शुभ मुहूर्त और राहुकाल

22 नवंबर 2025 को मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। इस तिथि पर चंद्रमा धनु राशि में स्थित रहेंगे, जिसके स्वामी गुरु हैं। आज ज्येष्ठा नक्षत्र 16:46 तक और सुकर्मा योग 11:29 तक रहेगा। शनिवार के दिन अभिजीत मुहूर्त 11:46 से 12:28 तक रहेगा जबकि राहुकाल सुबह 09:28 से 10:47 तक रहेगा। सूर्योदय 06:49 पर और सूर्यास्त 17:24 पर होगा। आज विक्रमी संवत 2082 और शक संवत 1947 के अनुसार मार्गशीर्ष मास चल रहा है। पंचांग के अनुसार प्रथम करण कौलव 17:11 तक और द्वितीय करण तैतिल 30:19 तक रहेगा। चंद्रमा धनु राशि में संचरण के चलते धार्मिक कार्यों, शिक्षा और सलाहकारी गतिविधियों के लिए आज का दिन शुभ माना गया है।

 

पंचांग के पांच अंग और उनका महत्व

हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग भी कहा जाता है और इसमें समय तथा काल की गणना पंचांग के पांच प्रमुख अंगों के आधार पर की जाती है। पहला अंग तिथि — चंद्र रेखांक के सूर्य रेखांक से 12 अंश आगे बढ़ने में लगने वाले समय को तिथि कहा जाता है। एक माह में कुल 30 तिथियां होती हैं, जिन्हें शुक्ल और कृष्ण पक्ष में विभाजित किया जाता है, तथा अंतिम तिथि क्रमशः पूर्णिमा और अमावस्या कहलाती है। दूसरा अंग नक्षत्र — आकाश में स्थित तारों के समूह को नक्षत्र कहा जाता है, जिनकी कुल संख्या 27 है और सभी नक्षत्र नौ ग्रहों के स्वामित्व में होते हैं। तीसरा अंग वार — सप्ताह के सात दिनों को ग्रहों के नाम पर आधारित माना गया है, जैसे सोमवार से रविवार तक। चौथा अंग योग — सूर्य और चंद्र की विशेष दूरी के आधार पर 27 योग बनते हैं, जिनमें सुकर्मा, प्रीति, आयुष्मान और सिद्धि जैसे योग शामिल हैं। पाँचवां अंग करण — प्रत्येक तिथि के दो हिस्सों में बनने वाले करण कुल 11 प्रकार के होते हैं, जिनमें कौलव, तैतिल, बव, बालव, गर, वणिज आदि शामिल हैं और विष्टि करण को भद्रा माना जाता है जिसमें शुभ कार्य वर्जित बताए गए हैं।

 

आज के शुभ मुहूर्त और राहुकाल का प्रभाव

शनिवार के दिन शुभ मुहूर्त में कार्य प्रारंभ करना अत्यंत लाभदायक माना जाता है। आज अभिजीत मुहूर्त 11:46 से 12:28 तक रहेगा जो सभी प्रकार के कार्यों के लिए सबसे शुभ माना गया है। इसी समय गृह प्रवेश, नई व्यापार योजना, वाहन खरीद, जॉइनिंग, पूजन या किसी मांगलिक कार्य की शुरुआत की जा सकती है। राहुकाल सुबह 09:28 से 10:47 तक रहेगा, इस दौरान यात्रा, आर्थिक लेनदेन और नए कार्य आरंभ करना टालना लाभकारी होगा। सुकर्मा योग के प्रभाव से परिश्रम का फल अच्छा मिलता है, इसलिए अध्ययन, शिक्षा, योजना निर्माण और आध्यात्मिक कार्यों के लिए यह दिन शुभ माना गया है। धनु राशि में चंद्रमा का प्रवेश धार्मिक रुचि, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति का सूचक है।

 

मार्गशीर्ष मास में द्वितीया तिथि का धार्मिक महत्व

मार्गशीर्ष मास को भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गीता में श्रेष्ठ महीना कहा गया है इसलिए इस महीने की तिथियां अत्यंत शुभ मानी गई हैं। द्वितीया तिथि में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा विशेष फलदायी होती है। आज देवालयों में दान, दीपदान, तुलसी पूजा, गाय को आहार और मंदिर में भोग अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है। आज किए गए अच्छे कर्मों का दोगुना फल मिलता है। गृहस्थ जीवन, धन लाभ और सौभाग्य के लिए इस तिथि में लक्ष्मी व नारायण का पूजन समृद्धि प्रदान करता है।

 

पूजन, उपाय और आज क्या न करें

आज के दिन पीले और केसरिया रंग से जुड़े वस्त्र पहनना शुभ माना गया है। मंदिर में पीले फूल, हल्दी, चावल और गाय के घी से दीपक जलाना लाभदायक होगा। शनिवार के कारण शनि देव के निमित्त तिल का दान और पीपल वृक्ष की परिक्रमा करने से कष्ट दूर होते हैं। राहुकाल में यात्रा और लेनदेन से बचें तथा कटु वाणी से परहेज रखें। आज जल्दबाजी और क्रोध से दूरी रखने पर सफलता बढ़ती है।

 

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