आज 12 नवंबर 2025, बुधवार का दिन हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। इस दिन चंद्रमा कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं, जिसका स्वामी स्वयं चंद्र देव हैं। आज आश्लेषा नक्षत्र और शुक्ल योग का संयोग बन रहा है। दिन का शुभ समय यानी अभिजीत मुहूर्त आज नहीं रहेगा, जबकि राहुकाल का समय दोपहर 12:01 से 13:21 मिनट तक रहेगा।
पंचांग के अनुसार ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति
हिंदू पंचांग के मुताबिक आज सूर्योदय सुबह 06:40 बजे और सूर्यास्त शाम 17:22 बजे होगा। आज का चंद्रमा कर्क राशि में स्थित रहेगा। विक्रमी संवत 2082 और शक संवत 1947 चल रहा है। मास मार्गशीर्ष और पक्ष कृष्ण रहेगा। इस दिन शुक्ल योग 07:55 बजे तक रहेगा, जबकि तिथि अष्टमी रात 23:03 तक रहेगी।
आज का राहुकाल और शुभ मुहूर्त
बुधवार का दिन होने के कारण राहुकाल दोपहर 12:01 से 13:21 तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य प्रारंभ करना वर्जित माना गया है। वहीं, अभिजीत मुहूर्त आज नहीं रहेगा। शुभ कार्यों के लिए बालवा करण सुबह 11:01 तक और कौवाला करण रात 23:03 तक रहेगा।
पंचांग क्या है और इसके पांच अंग
हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग भी कहा जाता है। यह समय और काल की सटीक गणना का आधार है। पंचांग पांच अंगों से मिलकर बना होता है — तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण। इन पांचों का ज्ञान व्यक्ति को दिन के शुभ-अशुभ समय के बारे में बताता है।
तिथि का महत्व
हिंदू कैलेंडर के अनुसार तिथि वह समय होती है जब चंद्रमा सूर्य से 12 अंश आगे बढ़ता है। एक माह में 30 तिथियां होती हैं जिन्हें शुक्ल और कृष्ण पक्ष में बांटा जाता है। शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि पूर्णिमा और कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या कहलाती है। आज की तिथि अष्टमी है, जो देवी उपासना के लिए शुभ मानी जाती है।
नक्षत्र और उसका महत्व
आज आश्लेषा नक्षत्र है, जो बुद्धि और चंद्र शक्ति का प्रतीक है। कुल 27 नक्षत्र होते हैं और प्रत्येक का संबंध किसी न किसी ग्रह से जुड़ा होता है। आश्लेषा नक्षत्र के स्वामी बुध ग्रह हैं, जो ज्ञान, चातुर्य और विवेक का द्योतक है।
योग और करण का प्रभाव
आज शुक्ल योग बन रहा है, जो सकारात्मकता और शुभ परिणाम देने वाला होता है। यह योग कार्यों में सफलता और मानसिक शांति प्रदान करता है। आज के करण बालवा और कौवाला रहेंगे — दोनों को शुभ करणों में गिना जाता है, जिनमें यात्रा और नए कार्य प्रारंभ करना फलदायी माना जाता है।
वार और उसका महत्व
बुधवार का दिन भगवान विष्णु और बुध ग्रह को समर्पित होता है। यह दिन व्यापार, शिक्षा, संचार और निर्णय क्षमता के लिए उत्तम माना जाता है। आज के दिन हरे रंग का उपयोग और तुलसी पूजा विशेष फलदायी होती है।
12 नवंबर 2025 का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। अष्टमी तिथि पर देवी पूजन, व्रत और ध्यान का विशेष महत्व बताया गया है। आश्लेषा नक्षत्र के प्रभाव से आज का दिन बुद्धि-विकास और आत्मविश्लेषण के लिए उपयुक्त रहेगा। राहुकाल में कोई नया कार्य न करें और शुभ समय का चयन कर ही कार्य प्रारंभ करें।
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