नई दिल्ली। देशभर के बुलियन मार्केट में आज सोने और चांदी की कीमतों में अलग-अलग रुख देखने को मिला। 2 दिसंबर को सोने के दामों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी में बढ़त देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोना आज 659 रुपए सस्ता होकर 1,28,141 रुपए पर पहुंच गया, जो पिछले दिन 1,28,800 रुपए था। इसके विपरीत चांदी की कीमत में तेजी आई और इसका भाव बढ़कर 1,75,423 रुपए प्रति किलो हो गया, जो पिछले दिन 1,75,180 रुपए था। अक्टूबर में सोना और चांदी दोनों अपने-अपने ऑल टाइम हाई स्तर को भी छू चुके हैं, जिससे निवेशकों की निगाहें लगातार इन कीमतों पर टिकी हुई हैं।

इस साल सोना और चांदी दोनों में बड़ी तेज़ी
पिछले एक साल के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम सोना 76,162 रुपए का था, जबकि अब यह बढ़कर 1,28,141 रुपए हो गया है। इस तरह सोने की कीमतों में इस वर्ष कुल 51,979 रुपए की वृद्धि हुई। वहीं, चांदी की कीमत भी 86,017 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 1,75,423 रुपए प्रति किलो हो गई है, यानी चांदी इस साल अब तक 89,406 रुपए महंगी हो चुकी है। इन दोनों धातुओं की कीमतों में हुई बढ़ोतरी बताती है कि इन्वेस्टर्स का भरोसा लगातार इन पर मजबूत होता जा रहा है।
सोने की कीमतों में तेजी आने के मुख्य कारण क्या हैं?
दुनियाभर के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं ताकि डॉलर पर अपनी निर्भरता कम की जा सके। जब बड़े वित्तीय संस्थान सोने की भारी मात्रा में खरीदारी करते हैं, तो बाजार में इसकी मांग बढ़ जाती है और कीमतों में स्वाभाविक रूप से तेजी आती है। इसी के साथ क्रिप्टो मार्केट में उतार-चढ़ाव, नियमों की सख्ती और भारतीय शेयर बाज़ार में अपेक्षाकृत कम रिटर्न के चलते निवेशकों ने सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने का रुख किया है।
इसके अलावा, भारत में शादी का सीजन शुरू हो चुका है, जिसमें परंपरागत रूप से सोने की मांग बढ़ जाती है। सोना अपनी प्रकृति के कारण लंबे समय में एक सुरक्षित और मूल्य-संरक्षक एसेट माना जाता है, इसलिए महंगाई के दौर में भी यह निवेशकों के पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखता है।
क्या सोना और चांदी आगे भी महंगे होंगे?
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का मानना है कि वैश्विक जियो-पॉलिटिकल तनाव और आर्थिक अनिश्चितता आने वाले महीनों में सोने के लिए सपोर्ट का काम करेंगे। उनका अनुमान है कि यदि मौजूदा बाजार परिस्थितियाँ ऐसी ही बनी रहीं, तो सोना इस साल 1,35,000 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर तक जा सकता है।
इसी तरह चांदी का भाव भी 1,85,000 रुपए प्रति किलो तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। चांदी की मांग इंडस्ट्रियल सेक्टर में बढ़ रही है, जिससे यह धातु आने वाले समय में भी निवेशकों के लिए आकर्षक बनी रह सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
आज की गिरावट अल्पकालिक सुधार हो सकती है, लेकिन कुल मिलाकर सोने का दीर्घकालिक ट्रेंड मजबूत दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की बढ़ती वैश्विक मांग निवेशकों के लिए आने वाले महीनों में बेहतर रिटर्न का अवसर पैदा कर सकती है। बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए यह दौर निवेशकों के लिए रणनीतिक रूप से निवेश करने का सही समय साबित हो सकता है।





