नई दिल्ली | आर्मेनिया ने भारत से तेजस फाइटर जेट खरीदने की बातचीत रोक दी है। येरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला दुबई एयरशो में तेजस के क्रैश के बाद लिया गया। इस हादसे में भारतीय पायलट विंग कमांडर नमांश सियाल की मौत हो गई थी। आर्मेनिया भारत से करीब 1.2 बिलियन डॉलर (₹10 हजार करोड़) में 12 तेजस जेट खरीदने की तैयारी कर रहा था। यह डील अंतिम चरण में थी और तेजस की पहली विदेशी डील मानी जा रही थी। हालांकि, आर्मेनिया सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। भारत सरकार ने भी इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया नहीं दी है।
तेजस की 4 प्रमुख खूबियाँ
भारत में बने लड़ाकू विमान तेजस अपनी इन खूबियों के कारण खास माना जाता है—
1. 50% मशीनरी भारत में बनी
विमान के आधे कलपुर्जे देश में बनाए गए हैं, जो इसे आत्मनिर्भर भारत का मजबूत उदाहरण बनाता है।
2. इजराइली रडार से लैस
इजराइल की EL/M-2052 रडार तकनीक इसे एक साथ 10 लक्ष्यों को ट्रैक कर हमला करने में सक्षम बनाती है।
3. बेहद कम रनवे पर टेकऑफ क्षमता
तेजस सिर्फ 460 मीटर रनवे पर उड़ान भर सकता है।
4. सबसे हल्का फाइटर जेट
यह अपने श्रेणी में सबसे हल्का, सिर्फ 6500 किलो, लड़ाकू विमान है।

MiG-21 की जगह लेगा तेजस
तेजस को भारतीय वायुसेना के पुराने MiG-21 की जगह लेने के लिए डिज़ाइन किया गया है। फिलहाल वायुसेना को 40 तेजस विमान मिल चुके हैं। अब इसका उन्नत मॉडल तेजस A1 तैयार हो रहा है, जिसमें शामिल होंगे—
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IAI-Elta का AESA Radar
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नया इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम
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एल्बिट का हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले
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राफेल की डर्बी मिसाइल
प्रधानमंत्री मोदी ने भी 25 नवंबर 2022 को तेजस फाइटर जेट में उड़ान भरी थी—ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने।

दुबई एयरशो हादसा कैसे हुआ?
दुबई एयरशो के आखिरी दिन करीब 2:10 PM (स्थानीय समय) तेजस जेट एरियल डिस्प्ले कर रहा था। लो-ऐल्टीट्यूड मैन्यूवर के दौरान उसकी ऊंचाई अचानक कम हो गई और कुछ सेकंड में विमान जमीन से टकरा गया। विमान गिरते ही आग लग गई और पायलट की मौके पर ही मौत हो गई। मार्च 2024 में राजस्थान के जैसलमेर में भी तेजस क्रैश हुआ था, लेकिन तब पायलट सुरक्षित निकल गए थे। यह 20 महीने में दूसरा हादसा है।






