मुंबई | आधार कार्ड अब और भी ज्यादा डिजिटल और सुविधाजनक होने जा रहा है। UIDAI ने घोषणा की है कि अब आधार में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को घर बैठे बदला जा सकेगा। यह सुविधा उन लोगों के लिए खासतौर पर फायदेमंद होगी जो दूरदराज क्षेत्रों में रहते हैं या उम्र और स्वास्थ्य कारणों से आधार सेंटर नहीं जा पाते।

कैसे काम करेगी मोबाइल नंबर अपडेट की नई प्रक्रिया?
UIDAI के नए सिस्टम के तहत मोबाइल नंबर अपडेट करना बेहद आसान होगा। इसके लिए किसी भी डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं पड़ेगी और न ही एनरोलमेंट सेंटर जाने का झंझट रहेगा।
नई प्रक्रिया इस प्रकार होगी—
1. आधार ऐप डाउनलोड करना होगा
सबसे पहले यूजर्स को अपने स्मार्टफोन में AADHAAR मोबाइल एप डाउनलोड करना होगा।
2. आधार नंबर व नया मोबाइल नंबर एंटर करना
एप में आधार नंबर और अपडेट किया जाने वाला मोबाइल नंबर डालना होगा।
3. OTP वेरिफिकेशन
ओटीपी पुराने या नए मोबाइल नंबर पर आएगा, जिसे वेरिफाई करना होगा।
4. फेस ऑथेंटिकेशन
इसके बाद स्मार्टफोन के कैमरे से फेस ऑथेंटिकेशन किया जाएगा और अपडेट प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
UIDAI का दावा है कि पूरा प्रोसेस सिर्फ कुछ मिनटों में पूरा हो जाएगा।
मोबाइल नंबर अपडेट क्यों इतना जरूरी है?
130 करोड़ से ज्यादा भारतीयों के लिए आधार पहचान का सबसे बड़ा दस्तावेज है। मोबाइल नंबर इसमें सबसे अहम हिस्सा है क्योंकि—
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बैंकिंग ट्रांजैक्शन ओटीपी से वेरिफाई होते हैं
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सब्सिडी और सरकारी लाभ इसी से लिंक हैं
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आयकर रिटर्न और ई-वेरिफिकेशन इसी से होता है
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डिजिलॉकर और अन्य डिजिटल सर्विसेज मोबाइल OTP से चलती हैं
पुराना नंबर बंद हो जाए या खो जाए, तो कई जरूरी सेवाओं तक पहुंच मुश्किल हो जाती है। पहले मोबाइल नंबर बदलने के लिए आधार सेंटर जाना पड़ता था, जहां बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और लंबी कतारों का सामना करना पड़ता था।
UIDAI का नया आधार ऐप—5 लोगों के आधार एक फोन में
एक महीने पहले ही UIDAI ने नया आधार मोबाइल एप लॉन्च किया था। इसके फीचर्स काफी उन्नत हैं—
एप के प्रमुख फीचर्स
• एक फोन में 5 लोगों के आधार जोड़ने की सुविधा
• सिलेक्टिव डेटा शेयरिंग—जितनी जानकारी जरूरी है, उतनी ही शेयर
• फेस स्कैन से आइडेंटिटी शेयरिंग
• बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से सिक्योर लॉगिन
• ऑफलाइन मोड—इंटरनेट न होने पर भी आधार देखा जा सकता है
• मल्टी-लैंग्वेज सपोर्ट, हिंदी और अंग्रेजी सहित
नया ऐप प्राइवेसी और सिक्योरिटी को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
पुराना mAadhaar ऐप होने के बावजूद नया ऐप क्यों launch किया गया?
UIDAI ने बताया कि mAadhaar और नया AADHAAR एप दोनों का उद्देश्य अलग है—
mAadhaar ऐप किसके लिए?
• PDF डाउनलोड
• PVC कार्ड
• कुछ बेसिक अपडेट
नया आधार ऐप किसके लिए?
• प्राइवेसी-फर्स्ट डेटा शेयरिंग
• फेस ऑथेंटिकेशन
• मल्टी-आधार मैनेजमेंट
• तेज KYC प्रोसेस
नए ऐप से यूजर्स का डेटा ज्यादा सुरक्षित और उपयोग में आसान होगा।
यूजर्स को क्या फायदा होगा?
UIDAI की इस नई सुविधा से कई लाभ मिलेंगे—
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घर बैठे मोबाइल नंबर अपडेट
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KYC, होटल चेक-इन और SIM एक्टिवेशन प्रक्रिया तेज
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सिलेक्टिव डेटा शेयरिंग से प्राइवेसी मजबूत
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परिवार के आधार एक ही डिवाइस से मैनेज करना आसान
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डिजिटल इंडिया मिशन को बड़ा बढ़ावा
2009 से 2024 तक—आधार का सफर
2009 में आधार की शुरुआत एक पेपर कार्ड के रूप में हुई थी। 15 साल बाद यह पूरी तरह डिजिटल और हाई-टेक पहचान प्रणाली बन चुका है। आज 1.3 अरब से ज्यादा भारतीय आधार से जुड़ चुके हैं। UIDAI का लक्ष्य है कि सभी सरकारी और निजी सेवाओं को डिजिटल रूप से सरल, सुरक्षित और तेज बनाया जाए।





