राजस्थान के अलवर जिले के किशनगढ़बास कस्बे में सोमवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ।एक शराबी ट्रक ड्राइवर ने ईंटों से भरा ट्रक तेज रफ्तार में चलाते हुए नियंत्रण खो दिया और सड़क किनारे बने खोखों में जा घुसा।टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीन से चार खोखे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
टक्कर के बाद भड़की आग, इलाके में मचा हड़कंप
टक्कर के तुरंत बाद ट्रक और आसपास के खोखों में आग लग गई।देखते ही देखते आग की लपटें इतनी तेज़ फैल गईं कि पूरे इलाके में भगदड़ मच गई।स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी।करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया,लेकिन तब तक कई दुकानें और ट्रक की पूरी केबिन जलकर राख हो गई।
ड्राइवर नशे में धुत, पुलिस ने किया गिरफ्तार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक ड्राइवर नशे में धुत था और ट्रक को अनियंत्रित तरीके से चला रहा था।स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे से पहले ट्रक ज़िगज़ैग मूवमेंट में चल रहा था।पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया।उसके खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है।
ईंटों से भरा ट्रक बना मौत का पहिया
ट्रक में भरी हुई भारी ईंटों के ढेर ने टक्कर के बाद सड़क पर फैलकर और नुकसान बढ़ा दिया।कई राहगीर और दोपहिया सवार इससे बाल-बाल बचे।सड़क पर देर रात तक ट्रैफिक जाम लगा रहा और प्रशासन को जाम हटाने में घंटों लग गए।
फायर ब्रिगेड और प्रशासन की तत्परता से बची बड़ी दुर्घटना
अगर फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंचती, तो यह आग पास की पेट्रोल पंप तक फैल सकती थी।दमकलकर्मियों ने बड़ी मुस्तैदी से आग को फैलने से रोका।प्रशासन ने आस-पास के दुकानदारों को अलर्ट रहने और रात में भारी वाहनों की एंट्री सीमित करने की चेतावनी दी है।
स्थानीय लोगों में रोष – ट्रकों की बेपरवाही पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय अक्सर ट्रक तेज़ रफ्तार और नशे में चलाए जाते हैं।लोगों ने पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई और रात में वाहनों की जांच की मांग की है।वहीं, हादसे से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है,जिसमें ट्रक आग की लपटों में घिरा दिख रहा है।
नशे की ड्राइविंग बन रही खतरा
अलवर का यह हादसा एक बार फिर चेतावनी है किनशे में वाहन चलाना सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि जानलेवा लापरवाही है।एक शराबी ड्राइवर की गलती ने कई परिवारों की रोज़ी-रोटी छीन ली।अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इस घटना के बादसड़क सुरक्षा नियमों पर सख्ती से अमल करता है या नहीं।





