अमेरिका के केंटकी राज्य में बुधवार शाम एक कार्गो विमान हादसे का शिकार हो गया। लुईविल शहर में UPS कंपनी का MD-11 कार्गो प्लेन क्रैश हो गया, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हुए। हादसा स्थानीय समयानुसार शाम करीब 5:15 बजे हुआ, जब विमान मोहम्मद अली इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
धमाके के साथ आग की लपटों में बदला विमान
फेडरल एविएशन अथॉरिटी (FAA) के मुताबिक, विमान UPS की फ्लाइट 2976 थी, जो होनोलुलु (हवाई) के लिए रवाना हुई थी। सोशल मीडिया पर वायरल फुटेज में हादसे के बाद की भयानक तस्वीरें दिख रही हैं—विमान आग का गोला बन गया और आसपास के इलाके में काले धुएं का विशाल गुबार छा गया। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, विमान में लगभग 38,000 गैलन (1.44 लाख लीटर) जेट फ्यूल भरा हुआ था, जो विस्फोट के बाद आग की लपटों में बदल गया। इससे पूरा क्षेत्र जल उठा और आग बुझाने में कई घंटे लगे।
NEW: Large explosions after UPS Flight 2976 crashes near Louisville International Airport in Kentucky pic.twitter.com/qQ2bSug3tz
— BNO News (@BNONews) November 4, 2025
8 किलोमीटर के दायरे में जारी किया गया अलर्ट
हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने एयरपोर्ट से 8 किमी के दायरे में रहने वाले लोगों को घर के अंदर रहने और बाहर न निकलने का आदेश दिया। एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, और UPS वर्ल्डपोर्ट सुविधा के आसपास के सभी ऑपरेशन्स रोक दिए गए हैं। लुईविल पुलिस विभाग (LMPD) ने बताया कि मौके पर अब भी आग लगी हुई है और मलबा फैला हुआ है। आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण और धुएं के कारण वायु गुणवत्ता पर असर पड़ा है।

संभावित कारण: लिथियम बैटरियों से लगी आग
प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने आशंका जताई है कि विमान में मौजूद लिथियम-आयन बैटरियों में शॉर्ट सर्किट से आग लगी हो सकती है। यह स्थिति 2010 में UPS फ्लाइट 6 हादसे जैसी है, जब दुबई में इसी मॉडल का कार्गो प्लेन आग की वजह से क्रैश हुआ था। UPS कंपनी ने बयान जारी कर कहा कि विमान में तीन क्रू मेंबर थे, लेकिन हादसे के वक्त विमान में लोडिंग टीम और अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे, जिससे हताहतों की संख्या बढ़ गई।
UPS वर्ल्डपोर्ट: दुनिया का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब प्रभावित
लुईविल का यह एयरपोर्ट UPS वर्ल्डपोर्ट के नाम से जाना जाता है — यह कंपनी का सबसे बड़ा वितरण केंद्र है, जहां 12,000 से ज्यादा कर्मचारी रोजाना करीब 20 लाख पार्सल संभालते हैं। यह सुविधा 50 लाख वर्ग फीट में फैली है। हादसे के कारण यहां कामकाज पर बड़ा असर पड़ा है।
जांच में जुटे FAA और NTSB अधिकारी
FAA और नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। शुरुआती फोकस विमान के फ्यूल सिस्टम और इलेक्ट्रिकल सर्किट पर है। अधिकारियों का कहना है कि सटीक कारण सामने आने में 48 घंटे तक लग सकते हैं। UPS एयरलाइंस ने बयान जारी कर कहा— “हम इस दुखद घटना से गहराई से व्यथित हैं। हमारी प्राथमिकता राहत और जांच कार्य में सहयोग देना है। जैसे ही पुष्टि होगी, हम विस्तृत जानकारी साझा करेंगे।”
हवा में फैला प्रदूषण और नागरिकों के लिए चेतावनी
हादसे के बाद एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग टीमों ने क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर खतरनाक बताया। फायर डिपार्टमेंट ने चेतावनी दी है कि जले हुए फ्यूल और रसायनों से निकलने वाला धुआं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसलिए स्थानीय लोगों को घरों में रहने और मास्क पहनने की सलाह दी गई है।

केंटकी का यह विमान हादसा अमेरिका की हालिया सबसे बड़ी हवाई दुर्घटनाओं में से एक बन गया है। UPS और FAA की जांच से यह तय होगा कि इस त्रासदी के पीछे तकनीकी गलती थी या सुरक्षा मानकों की कमी। फिलहाल प्रशासन ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है और घायलों का इलाज जारी है।





