अविकानगर (टोंक):सुरेश चौधरी
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर में सोमवार को आठ दिवसीय 18वां व्यवसायिक वैज्ञानिक भेड़-बकरी व खरगोश पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन किसान घर सभागार में किया गया।इस प्रशिक्षण में राजस्थान के नौ जिलों एवं दिल्ली से कुल 32 पुरुष प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जो वैज्ञानिक पशुपालन तकनीकों को सीखकर अपने क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर विकसित करेंगे।
मुख्य अतिथि डॉ. एच. रहमान का संबोधन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व पूर्व अंतर्राष्ट्रीय पशुधन अनुसंधान संस्थान इंडिया प्रतिनिधि डॉ. एच. रहमान ने कहा कि“भेड़-बकरी आने वाले समय का सबसे महत्वपूर्ण पशुधन हैं। इन्हें वैज्ञानिक पद्धति से पालना आज की बड़ी आवश्यकता है।”उन्होंने किसानों को पारंपरिक ज्ञान के साथ वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने की सलाह दी और कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा है कि शोध का लाभ सीधे पशुपालकों तक पहुंचे।
पशुपालन में उद्यमिता की जरूरत — डॉ. दिनाकर राज
विशिष्ट अतिथि डॉ. गोपाल दिनाकर राज (प्रोफेसर, TANUVAS तमिलनाडु) ने कहा कि पशुपालन क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देकर ग्रामीणों के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
सहकारी मॉडल पर जोर — डॉ. गोपाल गोवाने
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, करनाल के डॉ. गोपाल गोवाने ने पशुपालकों से सहकारी समितियों के माध्यम से
उत्पादन
मूल्य संवर्द्धन (Processing)
मार्केटिंग
में अधिक भागीदारी की अपील की, ताकि पशुपालक आत्मनिर्भर व सशक्त बन सकें।
निदेशक का संदेश — उत्पादन बढ़ाना मुख्य लक्ष्य
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्थान निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर ने कहा:“प्रति पशु उत्पादन बढ़ाना इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य है।”उन्होंने पशुपालकों को बेहतर नस्ल चयन, आवास, दाना-चारा, स्वास्थ्य प्रबंधन एवंमौसम अनुसार देखभाल का विशेष प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी दी।डॉ. तोमर ने पशुपालकों को पशु आहार, सूखा चारा, फीडिंग सामग्री, शेड-निर्माण व पशु-प्रबंधन से जुड़े व्यवसाय अपनाकर आजीविका बढ़ाने की प्रेरणा दी।साथ ही, भविष्य में बैंकिंग व वित्तीय जागरूकता सत्र जोड़ने का सुझाव दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित वैज्ञानिक
इस प्रशिक्षण का संचालन डॉ. सत्यवीर सिंह डागी एवं डॉ. राजेश बिश्नोई द्वारा किया जा रहा है। उद्घाटन कार्यक्रम में
डॉ. Using सिंह भट्ट
डॉ. गणेश सोनावणे
डॉ. अजय कुमार
डॉ. पी.के. मल्लिक
डॉ. मेघा पांडे
डॉ. अरविंद
उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की जानकारी संस्थान के मीडिया प्रभारी डॉ. अमरसिंह मीना ने दी।





