अंता_अंता विधानसभा उपचुनाव में बड़ा राजनीतिक मोड़ तब आया जब निर्दलीय प्रत्याशी संतोष सुमन ने शनिवार को भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन के समर्थन में अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया।
नामांकन पत्र वापस लेने की आज (27 अक्टूबर) अंतिम तिथि थी, और इसी दिन संतोष सुमन ने यह निर्णय लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा का माहौल बना दिया।
जानकारी के अनुसार, संतोष सुमन ने यह फैसला भाजपा जिला मंत्री ओम सुमन बारां और जिला परिषद सदस्य ऋतिक सुमन के आग्रह पर लिया।दोनों नेताओं ने संतोष सुमन से मुलाकात कर उन्हें भाजपा के साथ मिलकर चुनाव प्रचार में शामिल होने का आग्रह किया, जिस पर उन्होंने सहमति जताई।संतोष सुमन ने कहा कि वह हमेशा से भाजपा विचारधारा में विश्वास रखती हैं और पार्टी के नेतृत्व में क्षेत्र के विकास के लिए कार्य करती रही हैं।उन्होंने कहा, “मेरी इच्छा थी कि मैं जनता के बीच जाकर काम करूं, इसलिए मैंने नामांकन दाखिल किया था। लेकिन पार्टी नेतृत्व से बात होने पर मैंने भाजपा प्रत्याशी का समर्थन करने का निर्णय लिया।”
भाजपा के साथ मिलकर करेंगी प्रचार-प्रसार
नामांकन वापस लेने के बाद संतोष सुमन ने कहा कि अब वह भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन के साथ मिलकर पूरे विधानसभा क्षेत्र में प्रचार-प्रसार करेंगी।उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार ने राज्य और केंद्र में जनता के विकास के लिए अनेक योजनाएं चलाई हैं और अब यह जरूरी है कि क्षेत्र में भी भाजपा का प्रतिनिधित्व मजबूत हो।उन्होंने कहा कि भाजपा में काम करने का अवसर उन्हें सदैव मिला है और वे आने वाले समय में पार्टी के लिए हर संभव योगदान देंगी।
भाजपा नेताओं ने जताया स्वागत
संतोष सुमन के इस निर्णय का भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।भाजपा के जिला मंत्री ओम सुमन बारां ने कहा कि संतोष सुमन का भाजपा के साथ आना पार्टी के लिए मजबूती का संकेत है।उन्होंने कहा कि “संतोष सुमन हमेशा संगठन के साथ खड़ी रही हैं और उनके जुड़ने से चुनावी माहौल भाजपा के पक्ष में और मजबूत होगा।”वहीं, जिला परिषद सदस्य ऋतिक सुमन ने भी कहा कि यह फैसला भाजपा की एकजुटता औरसंगठन की मजबूती को दर्शाता है।
सांसद दुष्यंत सिंह से की मुलाकात
नामांकन वापस लेने के बाद संतोष सुमन ने बारां-झालावाड़ सांसद दुष्यंत सिंह से मुलाकात की और भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन के लिए प्रचार करने का आश्वासन दिया।सांसद दुष्यंत सिंह ने उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा कि पार्टी के सभी कार्यकर्ता मिलजुलकर उपचुनाव में जीत सुनिश्चित करेंगे।दुष्यंत सिंह ने कहा कि भाजपा परिवार एक है और हर सदस्य पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है।
राजनीतिक समीकरणों में बदलाव
संतोष सुमन द्वारा नामांकन वापस लेने से अंता उपचुनाव का राजनीतिक समीकरण बदल गया है।अब भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन को संगठन की एकजुटता और स्थानीय नेताओं के समर्थन का लाभ मिलेगा।राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि संतोष सुमन की लोकप्रियता और प्रभाव भाजपा के पक्ष में सकारात्मक परिणाम दे सकता है।
अंता उपचुनाव में संतोष सुमन द्वारा भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन के समर्थन में नामांकन पत्र वापस लेने का निर्णय भाजपा के लिए एक बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला कदम हैयह कदम न केवल भाजपा के संगठनात्मक एकजुटता को मजबूत करेगा, बल्कि चुनावी परिणामों पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ सकता है।अब संतोष सुमन भाजपा के साथ रहकर क्षेत्र में पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाएंगी और मोरपाल सुमन की जीत सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
संवाददाता_घनश्याम दाधिच
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