नई दिल्ली | भारत के स्पेस सेक्टर में आज एक ऐतिहासिक कदम उठने जा रहा है। देश का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-I बनकर तैयार हो चुका है और आज सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका आधिकारिक अनावरण करेंगे। यह रॉकेट 7 मंजिला इमारत जितना लंबा है और पूरी तरह भारतीय प्राइवेट स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित किया गया है।


PM मोदी स्काईरूट के नए ‘इनफिनिटी कैंपस’ का भी उद्घाटन करेंगे
रॉकेट अनावरण के साथ ही प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्काईरूट एयरोस्पेस के नए इनफिनिटी कैंपस का भी उद्घाटन करेंगे। यह आधुनिक स्पेस टेक्नोलॉजी सेंटर हैदराबाद में स्थित है, जहां अगली पीढ़ी के लॉन्च व्हीकल्स की डिजाइनिंग, डेवलपमेंट, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग की जाएगी।
भारत के दो युवा वैज्ञानिकों का सपना हुआ साकार
स्काईरूट एयरोस्पेस की स्थापना 2018 में पवन चंदना और भरत ढाका ने की थी। दोनों IIT ग्रेजुएट और ISRO के पूर्व वैज्ञानिक रहे हैं। इनका लक्ष्य भारत में प्राइवेट स्पेस लॉन्च सेवाओं को सुलभ और प्रतिस्पर्धी बनाना है। मात्र कुछ सालों में कंपनी ने भारतीय स्पेस इंडस्ट्री में बड़ी पहचान बना ली है।

विक्रम-S के बाद अब बड़ा कदम—कक्षा में पहुंचने वाला रॉकेट
स्काईरूट ने 2022 में विक्रम-S लॉन्च किया था, जो एक सब-ऑर्बिटल रॉकेट था और लगभग 100 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचा था। हालांकि वह पृथ्वी की कक्षा में नहीं गया था। अब विक्रम-I पूरी तरह ऑर्बिटल लॉन्च के लिए तैयार है, यानी यह पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश करने की क्षमता रखता है।

भारत के स्पेस सेक्टर में प्राइवेट कंपनियों का बढ़ता योगदान
सरकार द्वारा स्पेस सेक्टर खोले जाने के बाद लगातार निजी कंपनियां हाई-टेक प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं। स्काईरूट की यह उपलब्धि न केवल भारत की तकनीकी क्षमता को साबित करती है, बल्कि वैश्विक स्पेस मार्केट में देश की स्थिति को और मजबूत करेगी।





