नई दिल्ली | नई दिल्ली में मंगलवार को आयोजित वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने बताया कि भारतीय नौसेना का महत्वपूर्ण अभियान ऑपरेशन सिंदूर अब भी सक्रिय रूप से जारी है। मई 2025 में शुरू किए गए इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान की नौसैनिक गतिविधियों पर गहरा प्रभाव डाला है। एडमिरल ने कहा कि भारतीय नौसेना की मजबूत तैनाती के कारण पाकिस्तानी युद्धपोत बंदरगाहों से बाहर निकलने में असमर्थ रहे और उनकी समुद्री गतिविधियाँ मकरान तट के पास ही सीमित होकर रह गईं।
उन्होंने बताया कि पश्चिमी अरब सागर में भारतीय नौसेना ने पिछले सात से आठ महीनों में लगातार रणनीतिक ऑपरेशन चलाए हैं। इन कार्रवाइयों के कारण पाकिस्तान की ओर जाने वाले व्यापारी जहाजों के मार्ग प्रभावित हुए और समुद्री बीमा कंपनियों ने अतिरिक्त जोखिम देखते हुए प्रीमियम बढ़ा दिए। इसके कारण पाकिस्तान पर आर्थिक दबाव और अधिक बढ़ा है।

नौसेना के अभियान से बढ़ी समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय पकड़
नौसेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य केवल पाकिस्तान की नौसैनिक गतिविधियों को सीमित करना नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत बनाना है। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन ने हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक पकड़ को और मज़बूत किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्ग भी सुरक्षित हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना क्षेत्रीय स्थिरता बनाये रखने, समुद्री तस्करी रोकने और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
ड्रग्स तस्करी पर बड़ा एक्शन: 43,300 करोड़ के नशीले पदार्थ जब्त
एडमिरल त्रिपाठी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नौसेना की एक और बड़ी उपलब्धि साझा की। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भारतीय नौसेना ने विभिन्न राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ अभियान में ₹43,300 करोड़ के ड्रग्स जब्त किए। यह ड्रग्स-रोधी अभियान देश के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण अभियानों में से एक माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका निभाते हुए संकट की घड़ी में तुरंत प्रतिक्रिया देती है, चाहे वह समुद्री सुरक्षा का मामला हो या मानवीय सहायता और आपदा राहत की स्थिति।
स्वदेशी युद्धपोतों की ताकत बढ़ी, नई सबमरीन भी शामिल
नौसेना प्रमुख ने बताया कि पिछले एक वर्ष में भारतीय नौसेना ने अपनी ताकत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। नौसेना ने 12 नए युद्धपोत शामिल किए हैं, जिनमें स्वदेशी डिजाइन और निर्माण से बना INS उदयगिरी भी शामिल है। यह नौसेना का 100वां स्वदेशी युद्धपोत है, जो देश की आत्मनिर्भरता और रक्षा उत्पादन क्षमता को दर्शाता है।
इसके अलावा, 15 जनवरी को प्रधानमंत्री द्वारा एक नई सबमरीन का भी कमीशन किया गया। साथ ही, 2021 में स्थापित नेवल इनोवेशन एंड इंडिजिनाइजेशन ऑर्गनाइजेशन (NIIO) और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट एक्सेलरेशन सेल (TDAC) रक्षा नवाचार को गति दे रहे हैं।
महिला अफसरों की विश्व परिक्रमा—23,400 समुद्री मील का सफर
एडमिरल त्रिपाठी ने दो महिला अफसरों—लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा—की ऐतिहासिक उपलब्धि की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि दोनों अफसरों ने 2 अक्टूबर 2024 से 29 मई 2025 के बीच 23,400 समुद्री मील की विश्व परिक्रमा पूरी की।
उन्होंने अपनी इस यात्रा में चार महाद्वीप, तीन महासागर और तीन अत्यंत कठिन समुद्री मोड़ों—केप ऑफ गुड होप, केप लीविन और केप हॉर्न—को पार किया। नौसेना प्रमुख के अनुसार, अब तक दुनिया में केवल लगभग 1900 नाविक ही इस तरह की चुनौतीपूर्ण यात्रा पूरी कर पाए हैं। भारतीय नौसेना की ये दोनों अफसर उस सूची में शामिल होकर नौसेना के इतिहास में नई मिसाल बनी हैं।
ऑपरेशन सागर बंधु: श्रीलंका में साइक्लोन दितवाह के दौरान त्वरित राहत
एडमिरल त्रिपाठी ने बताया कि श्रीलंका में आए साइक्लोन दितवाह के दौरान भारतीय नौसेना ने तुरंत ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया। इस अभियान के तहत भारतीय नौसेना ने INS विक्रांत और INS उदयगिरी के माध्यम से 12 टन राहत सामग्री श्रीलंका पहुंचाई। INS विक्रांत के हेलिकॉप्टरों ने बाढ़ में फंसे आठ लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
इसके अलावा, INS सुकन्या ने त्रिंकोमाली में 10 से 12 टन अतिरिक्त राहत सामग्री पहुंचाई। नौसेना प्रमुख के अनुसार, यह मिशन भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और मानवीय सहयोग की मजबूत भावना को दर्शाता है।





