बूंदी_जिला मुख्यालय स्थित पंडित बृजसुंदर शर्मा ए श्रेणी सामान्य चिकित्सालय में पार्किंग व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।अस्पताल परिसर में जहां आमजन और मरीजों के लिए कड़े पार्किंग नियम लागू हैं, वहीं चिकित्सकों के वाहनों पर यह नियम लागू होते नहीं दिख रहे।ट्रॉमा वार्ड के बाहर रोजाना ऐसी स्थिति देखने को मिलती है जहां 108 एंबुलेंस सहित मरीजों को लाने वाले वाहनों को जगह नहीं मिलती और डॉक्टरों की गाड़ियां वहीं खड़ी रहती हैं।अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के बाहर प्रतिदिन भारी भीड़ रहती है। यह वह स्थान है जहां दुर्घटनाग्रस्त मरीजों और आपातकालीन सेवाओं के वाहन खड़े होते हैं।लेकिन मंगलवार को जब संवाददाता ने मौके पर जाकर स्थिति देखी तो पाया कि डॉक्टरों की निजी गाड़ियां वहीं खड़ी हैं, जिससे एंबुलेंस और मरीजों के वाहनों को खड़े होने में दिक्कत आ रही थी।इससे यह स्पष्ट होता है कि अस्पताल प्रशासन द्वारा बनाए गए पार्किंग नियमों का पालन केवल आमजन से करवाया जा रहा है, जबकि अस्पताल कर्मी खुद इसका उल्लंघन कर रहे हैं।
आमजन को हो रही परेशानियां
पार्किंग स्थल पर जगह न मिलने के कारण मरीजों के परिजन वाहन सड़क किनारे खड़े करने को मजबूर हैं।कई बार एंबुलेंस के समय पर न पहुँच पाने से मरीजों को अतिरिक्त तकलीफ का सामना करना पड़ता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रॉमा वार्ड के बाहर केवल आपातकालीन वाहनों की पार्किंग की अनुमति होनी चाहिए, लेकिन वहां डॉक्टरों और कर्मचारियों की निजी गाड़ियों की कतार लगी रहती है।
जनता की शिकायत और प्रशासन से मांग
आमजन ने ई-न्यूज भारत संवाददाता के माध्यम से मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMHO) से इस मामले में तुरंत ध्यान देने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए किट्रॉमा वार्ड के बाहर केवल एंबुलेंस और आपातकालीन वाहन ही खड़े हों।चिकित्सकों और कर्मचारियों के लिए अलग से पार्किंग जोन बनाया जाए।सुरक्षा कर्मियों को यह जिम्मेदारी दी जाए कि कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन न करे।
नियम सभी के लिए समान — जनता की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पार्किंग नियम आमजन पर लागू किए जाते हैं तो उन्हें अस्पताल के सभी कर्मचारियों, चिकित्सकों और अधिकारियों पर भी लागू किया जाना चाहिए।पार्किंग व्यवस्था में दोहरी नीति अपनाने से आमजन के मन में नाराजगी बढ़ रही है।
एक स्थानीय निवासी ने कहा —“डॉक्टर और स्टाफ के वाहन वहीं खड़े रहते हैं जहाँ एंबुलेंस को आना चाहिए। ऐसे में मरीजों को समय पर मदद नहीं मिल पाती। यह गैरजिम्मेदारी है।”बूंदी जिला अस्पताल में पार्किंग नियमों को लेकर प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।जरूरी है कि अस्पताल प्रबंधन तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए, ताकि आमजन और मरीजों को राहत मिल सके।अगर समय रहते पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो यह स्थिति किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
संवाददाता_हेमराज सैनी
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