बूंदी, संवाददाता: हेमराज सैनी
ऐतिहासिक नगरी छोटी काशी बूंदी में आज से तीन दिवसीय ‘बूंदी महोत्सव 2025’ का शानदार शुभारंभ हुआ।इस महोत्सव का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने गढ़ पैलेस में ध्वजारोहण कर किया।उनके साथ मंच पर ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जिला प्रभारी मंत्री श्री हीरालाल नागर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।समारोह की शुरुआत श्री गणेश पूजा और झंडारोहण के साथ हुई, जिसके बाद गढ़ पैलेस में कैनवास पेंटिंग वर्कशॉप का उद्घाटन भी किया गया।महोत्सव स्थल पर पारंपरिक लोक धुनों और कलाकारों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।
‘वंदे मातरम’ से गूंज उठीं बूंदी की सड़कें
इस बार के बूंदी महोत्सव की मुख्य थीम ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ रही।नवल सागर से निकली भव्य शोभायात्रा राष्ट्रगीत के इस गौरवशाली अवसर को समर्पित रही।शाही लवाजमे के साथ निकली शोभायात्रा में पारंपरिक वेशभूषा पहने लोक कलाकारों, ऊंट-घोड़ों, बैंड दलों और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।तिरंगा थामे विद्यार्थियों और आमजन के नारों से पूरा शहर देशभक्ति के रंग में रंग गया।शोभायात्रा का समापन पुलिस परेड ग्राउंड पर हुआ, जहां हजारों लोगों नेएक स्वर में ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन किया।यह दृश्य बूंदी के इतिहास में एक यादगार पल बन गया।
पारंपरिक खेलों और लोक कला का आकर्षण
शोभायात्रा के बाद पुलिस परेड ग्राउंड पर पारंपरिक खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।इनमें रस्सा-कस्सी, मूंछ प्रतियोगिता, साफा बांधना और पणिहारी दौड़ जैसे रोचक खेलों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।स्थानीय निवासियों के साथ-साथ विदेशी पर्यटकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।इन प्रतियोगिताओं ने बूंदी की हाड़ौती संस्कृति को फिर से जीवंत कर दिया।
संस्कृति और पर्यटन का संगम बना बूंदी महोत्सव
‘बूंदी महोत्सव 2025’ न केवल राजस्थान की लोक परंपराओं का उत्सव है, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने वाला सांस्कृतिक संगम भी है।गढ़ पैलेस, नवल सागर और बूंदी की गलियों में लोक कलाकारों, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और पारंपरिक व्यंजनों ने इस आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया।
महोत्सव में रहे अनेक गणमान्य उपस्थित
कार्यक्रम में जिला कलक्टर अक्षय गोदारा, पुलिस अधीक्षक राजेंद्र मीणा, अतिरिक्त जिला कलक्टर राम किशोर मीणा,जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वर्मा, उपखंड अधिकारी लक्ष्मीकांत मीणा औरपूर्व राजपरिवार के वंशवर्धन सिंह सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।सभी अतिथियों ने बूंदी महोत्सव को राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीक बताया।‘बूंदी महोत्सव 2025’ का यह शुभारंभ परंपरा, कला, और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम रहा।‘वंदे मातरम’ की गूंज और बूंदी की सांस्कृतिक धरोहर ने एक बार फिर साबित किया कि यह शहर न केवल इतिहास का गवाह है, बल्कि राजस्थान की जीवंत संस्कृति का धड़कता दिल भी है।
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