नवरात्रि का पर्व शक्ति की उपासना और श्रद्धा का प्रतीक है। अष्टमी और नवमी के दिन विशेष रूप से कन्या पूजन (Kanya Pujan) का महत्व होता है। इस दिन छोटी-छोटी कन्याओं को घर बुलाकर माता रानी के नौ रूपों के रूप में पूजा जाता है। परंपरा के अनुसार उन्हें भोजन (हलवा, पूड़ी, चना) अर्पित करने […]
सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है जो हजारों सालों से मानव सभ्यता में आध्यात्मिक, ज्योतिषीय और सांस्कृतिक महत्व रखती है। ज्योतिषी मानते हैं कि ग्रहों की स्थिति, विशेषकर सूर्य और चंद्रमा की स्थिति, व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है। वर्ष 2025 के इस सूर्य ग्रहण के दौरान कुछ राशियों पर इसके सकारात्मक प्रभाव […]
2025 में एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना घटित हो रही है, जिसे ‘षडाष्टक योग’ कहा जाता है। यह योग विशेष रूप से 20 सितंबर 2025 को शनि और मंगल के विशेष संयोग से बनेगा। षडाष्टक योग तब बनता है जब दो ग्रह एक-दूसरे से 6 और 8 राशियों की दूरी पर होते हैं, जिससे वे एक-दूसरे […]
पितृ पक्ष 2025: श्राद्ध, मुहूर्त, महत्व और लाभ परिचय पितृ पक्ष, जिसे पितृपक्ष भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण अवधि है जो प्रत्येक वर्ष पूर्णिमा से अमावस्या तक मनाई जाती है। इस दौरान, श्रद्धालु अपने दिवंगत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। […]