जोधपुर से मिली जानकारी के अनुसार दाधीच समाज की महापंचायत में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों को अब समाज के अग्रणी लोग भी अपना समर्थन दे रहे हैं। महापंचायत में प्रदर्शन, फिजूलखर्ची, प्री-वेडिंग शूट और मृत्युभोज जैसी परंपराओं पर रोक लगाई गई, जिसे समाज सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
चंद्रा जी दाधीच का समर्थन और प्रेरक संदेश
अखिल भारतीय सर्वधर्म परिवार की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं समाजसेवी श्रीमती चंद्रा जी दाधीच ने इस निर्णय का जोरदार समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह पहल समाज की चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उनके अनुसार दिखावे से नहीं, बल्कि संस्कार से समाज मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि दाधीच समाज का यह कदम पूरे देश के लिए प्रेरणा बनेगा और सादगी को जीवन का आदर्श बनाएगा।
“आंचल फाउंडेशन” की स्थापना की घोषणा
चंद्रा जी दाधीच ने इस अवसर पर “आंचल फाउंडेशन” की स्थापना की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि यह फाउंडेशन समाज में शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, संस्कार और सामाजिक सुधार के लिए कार्य करेगा। फाउंडेशन का लक्ष्य बालिकाओं की शिक्षा, विधवा सहायता, स्वास्थ्य जागरूकता और संस्कार केंद्रों की स्थापना को बढ़ावा देना रहेगा। उन्होंने कहा कि यह संगठन समाज के हर वर्ग तक सहयोग और सकारात्मक सोच का सेतु बनेगा।
रामेश्वर जी दाधीच और पवन जी असोपा का नेतृत्व
दाधीच समाज में सुधार की इस मुहिम को आगे बढ़ाने में श्री रामेश्वर जी दाधीच और श्री पवन जी असोपा का नेतृत्व निर्णायक रहा। दोनों ने समाज में बढ़ते दिखावे और महंगे आयोजनों के खिलाफ एक सशक्त अभियान चलाया। पवन जी असोपा ने गांव-गांव जाकर सादगी का संदेश फैलाया, जिसे समाज ने पूरे उत्साह के साथ स्वीकार किया।
नेताओं के विचार और समाज का उत्साह
रामेश्वर जी दाधीच ने कहा कि जब समाज सादगी का संकल्प लेता है तो यह सुधार स्थायी बन जाता है। वहीं पवन जी असोपा ने कहा कि यह पहल केवल परंपराओं में बदलाव की नहीं बल्कि समाज की सोच में परिवर्तन की है। जब सादगी सम्मान बनेगी तभी सच्चा समाज निर्माण होगा।
रामेश्वर जी दाधीच ने कहा
“जब समाज एकजुट होकर सादगी का संकल्प लेता है, तो यह सुधार स्थायी रूप से समाज की पहचान बन जाता है।”
पवन जी असोपा ने कहा
“यह पहल केवल परंपराओं में सुधार की नहीं, बल्कि समाज की सोच में बदलाव लाने की है। जब सादगी सम्मान बनेगी, तभी सच्चा समाज निर्माण होगा।”
अशोक जी दाधीच का संदेश
इस अवसर पर अशोक जी दाधीच ने भी समाज के इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा
“समाज में सुधार तभी संभव है जब हम अपनी परंपराओं को आत्मसम्मान के साथ जोड़ें, न कि दिखावे के साथ। यह पहल समाज को एक नई पहचान और आत्मबल प्रदान करेगी।”
चंद्रा जी का आह्वान — “सुधार घर से शुरू करें”
चंद्रा जी दाधीच ने अपने प्रेरक संदेश में कहा
“हम दूसरों से परिवर्तन की उम्मीद करने से पहले खुद से शुरुआत करें। यदि हर परिवार समाज के प्रति जिम्मेदारी समझे, तो कोई बुराई टिक नहीं सकती। हमारी परंपराएँ हमारी ताकत हैं, उन्हें दिखावे से नहीं, मूल्यों से सजाएँ।”
महापंचायत में उपस्थित रहे समाज के गणमान्य सदस्य
इस अवसर पर समाज के अनेक वरिष्ठजन, पदाधिकारी और महिला प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से माधवी दाधीच, ज्योति शर्मा, प्रहलाद दाधीच, महेश जी तिवाड़ी, हेमंत दाधीच, अशोक जी दाधीच, पवन जी असोपा व उनकी टीम सहित कई गणमान्य सदस्य मौजूद रहे जिन्होंने समाज सुधार की इस ऐतिहासिक पहल की सराहना की।
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