दिल्ली के छतरपुर क्षेत्र में ड्रग्स तस्करी के एक विशाल नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक फ्लैट से 328 किलोग्राम हाई-क्वालिटी मेथमफेटामाइन जब्त किया है। जब्त की गई ड्रग्स की कीमत 262 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो दिल्ली में मेथमफेटामाइन की अब तक की सबसे बड़ी जब्तियों में से एक मानी जा रही है। यह ऑपरेशन पहले से प्राप्त खुफिया इनपुट और तकनीकी इंटरसेप्ट्स पर आधारित एक लंबी और रणनीतिक जांच का परिणाम था।
गृह मंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन की सफलता पर दी बधाई
ऑपरेशन की सफलता के तुरंत बाद केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने X पर पोस्ट साझा कर NCB और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम को बधाई दी। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशामुक्त भारत के विजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। अमित शाह ने कहा कि सरकार ड्रग कार्टेल को जड़ से खत्म करने के लिए ‘टॉप टू बॉटम और बॉटम टू टॉप’ दोनों दृष्टिकोण पर तेजी से काम कर रही है।

ऑपरेशन ‘क्रिस्टल फोर्ट्रेस’ कैसे पहुंचा सफलता तक?
‘क्रिस्टल फोर्ट्रेस’ एक इंटेलिजेंस-ड्रिवन मिशन था, जिसका उद्देश्य सिंथेटिक ड्रग्स की बड़ी मात्रा में सप्लाई करने वाली तस्करी श्रृंखला को तोड़ना था। कई महीनों तक लगातार खुफिया जानकारी एकत्र की गई, संदिग्ध कूरियरों और सेफ-हाउस की निगरानी की गई और अंत में छतरपुर स्थित फ्लैट की पहचान की गई, जहां ड्रग्स को स्टॉक कर वितरण नेटवर्क के लिए तैयार किया जा रहा था। जब संयुक्त टीम ने छापेमारी की तो वहां भारी मात्रा में मेथमफेटामाइन मौजूद मिली, जिसके बाद फौरन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
कार्टेल का मास्टरमाइंड विदेश में, पहले भी रहा है वांटेड
प्रारंभिक पूछताछ और जांच से पता चला है कि इस कार्टेल का मुख्य सरगना विदेश से नेटवर्क ऑपरेट करता था। यह वही अपराधी है जिसके खिलाफ पिछले वर्ष NCB ने 82.5 किलो हाई-ग्रेड कोकीन बरामदगी के मामले में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। गिरफ्तार आरोपियों में नागालैंड की एक महिला भी शामिल है, जिसके घर से भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद हुई। जांच एजेंसियां इंटरनेशनल एनफोर्समेंट पार्टनर्स के साथ समन्वय बनाकर मुख्य आरोपी को भारत प्रत्यर्पित करवाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही हैं।
भारत में और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक फैला नेटवर्क
NCB के शुरुआती निष्कर्ष बताते हैं कि यह कार्टेल विभिन्न कूरियर, लॉजिस्टिक चैनलों और हेंडलर्स के जरिए काम करता था। दिल्ली को ड्रग्स की पैकिंग, स्टोरेज और देश व विदेश में वितरण के मुख्य केंद्र के रूप में उपयोग किया जा रहा था। एजेंसियों को संदेह है कि यह नेटवर्क कई देशों में फैला हुआ है और इससे जुड़े और भी लोग जल्द पकड़ में आ सकते हैं।
NCB ने नागरिकों से सहयोग की अपील की
ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अभियान को और मजबूत बनाने के लिए NCB ने देश के नागरिकों से सहयोग की अपील की है। ब्यूरो ने बताया कि कोई भी व्यक्ति नशीले पदार्थ की बिक्री या तस्करी की जानकारी MANAS – नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 पर साझा कर सकता है। एजेंसी का कहना है कि नशामुक्त भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब सरकार और आम नागरिक मिलकर इस लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ें।
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