इस्लामाबाद | धुरंधर फिल्म विवाद इन दिनों पाकिस्तान में चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है। भारतीय फिल्म धुरंधर को लेकर पाकिस्तान के कराची की एक अदालत में याचिका दायर की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि फिल्म में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) और पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो को आतंकवाद समर्थक दिखाया गया है। इस विवाद ने न केवल राजनीतिक बल्कि सांस्कृतिक स्तर पर भी हलचल मचा दी है।
धुरंधर फिल्म विवाद की शुरुआत तब हुई जब फिल्म का ट्रेलर और कुछ प्रमोशनल फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इन दृश्यों में भुट्टो की तस्वीरों, PPP के झंडे और पार्टी रैलियों के फुटेज दिखाए जाने पर आपत्ति जताई गई। पाकिस्तान में इसे देश की छवि खराब करने की कोशिश बताया जा रहा है।
इस फुटेज को लेकर सबसे ज्यादा विवाद है। इसमें दिवंगत पीएम बेनजीर भुट्टो की तस्वीर इस्तेमाल की गई है। इसके अलावा पाकिस्तान और PPP का झंडा इस्तेमाल किया गया है।
पाकिस्तान में याचिका और FIR की मांग
धुरंधर फिल्म विवाद के तहत पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के कार्यकर्ता मोहम्मद आमिर ने कराची के डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट (साउथ) में याचिका दायर की है। याचिका में मांग की गई है कि फिल्म से जुड़े सभी प्रमुख लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए।
इस याचिका में रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, आर. माधवन, सारा अर्जुन जैसे कलाकारों के साथ-साथ निर्देशक आदित्य धर और निर्माताओं के नाम भी शामिल हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि फिल्म के कंटेंट से पाकिस्तान की राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाया गया है।
फिल्म में अक्षय खन्ना का किरदार रहमान डकैत की भूमिका में है, जिसे PPP पार्टी का समर्थन हासिल है।
PPP और बेनजीर भुट्टो से जुड़ा आरोप
धुरंधर फिल्म विवाद में सबसे गंभीर आरोप यह है कि फिल्म में दिवंगत प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की तस्वीरों का बिना अनुमति उपयोग किया गया। साथ ही PPP को आतंकवाद के प्रति सहानुभूति रखने वाली पार्टी के रूप में दिखाया गया है।
याचिका में कहा गया है कि भुट्टो पाकिस्तान की एक सम्मानित और ऐतिहासिक राजनीतिक हस्ती रही हैं। उनके नाम और छवि का इस तरह उपयोग न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि यह करोड़ों समर्थकों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।
फिल्म के दृश्य क्यों बने विवाद की वजह
धुरंधर फिल्म विवाद का केंद्र कुछ विशेष दृश्य हैं, जिनमें कराची के लियारी इलाके को आतंकवाद का गढ़ दिखाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि लियारी को “आतंकियों का युद्ध क्षेत्र” बताना पूरे इलाके और वहां के लोगों का अपमान है।
फिल्म में अक्षय खन्ना का किरदार ‘रहमान डकैत’ के रूप में दिखाया गया है, जिसे PPP से समर्थन मिलता हुआ दिखाया गया। यही दृश्य पाकिस्तान में सबसे अधिक विवाद का कारण बना और इसे सीधे-सीधे पार्टी को बदनाम करने की कोशिश बताया गया।
याचिकाकर्ता ने किन कानूनों का हवाला दिया
धुरंधर फिल्म विवाद की याचिका में पाकिस्तान दंड संहिता की कई धाराओं का उल्लेख किया गया है। इनमें 499, 500 और 502 (मानहानि), 504 और 505 (जानबूझकर अपमान और दंगा भड़काना), 153-A (समुदायों के बीच दुश्मनी) और 109 (उकसाने) जैसी धाराएं शामिल हैं।
याचिकाकर्ता का दावा है कि फिल्म का कंटेंट नफरत फैलाने वाला है और इससे पाकिस्तान में सामाजिक तनाव पैदा हो सकता है। इसी आधार पर उन्होंने FIR दर्ज करने की मांग की है।
पुलिस ने FIR क्यों दर्ज नहीं की
धुरंधर फिल्म विवाद में याचिकाकर्ता ने पहले कराची के दरख्शां थाने में लिखित शिकायत दी थी। हालांकि पुलिस ने न तो FIR दर्ज की और न ही कोई जांच शुरू की। पुलिस की निष्क्रियता के बाद ही याचिकाकर्ता को अदालत का रुख करना पड़ा। अदालत में अब यह मामला सुनवाई के लिए लंबित है और आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
खाड़ी देशों में धुरंधर पर बैन
धुरंधर फिल्म विवाद केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं रहा। मिडिल ईस्ट के कई देशों—बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई—में भी फिल्म की रिलीज पर रोक लगा दी गई। इन देशों की सेंसर अथॉरिटीज का मानना है कि फिल्म का कंटेंट पाकिस्तान विरोधी है और इससे क्षेत्रीय संवेदनशीलता प्रभावित हो सकती है। इससे पहले भी पाकिस्तान से जुड़ी थीम वाली भारतीय फिल्मों को खाड़ी देशों में इसी तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।
धुरंधर फिल्म में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में हैं।
बॉक्स ऑफिस पर धुरंधर की कमाई
धुरंधर फिल्म विवाद के बावजूद फिल्म की कमाई पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। रिलीज के सिर्फ 8 दिनों में फिल्म ने 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया था। सैकनिल्क के आंकड़ों के अनुसार, धुरंधर ने अब तक भारतीय बॉक्स ऑफिस पर लगभग 240 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। रणवीर सिंह की परफॉर्मेंस और अक्षय खन्ना के विलेन किरदार को दर्शकों से खास सराहना मिल रही है।
धुरंधर फिल्म की कहानी और किरदार
आदित्य धर द्वारा निर्देशित धुरंधर एक भारतीय खुफिया एजेंट ‘हमजा’ की कहानी है, जो पाकिस्तान में रहमान डकैत के गिरोह में घुसपैठ करता है। यह फिल्म 2001 के संसद हमले और 26/11 मुंबई आतंकी हमलों जैसी घटनाओं से प्रेरित बताई जा रही है। फिल्म में देशभक्ति, जासूसी और राजनीतिक साजिश का मिश्रण दिखाया गया है, जो दर्शकों को रोमांचित करता है, लेकिन यही कंटेंट पाकिस्तान में विवाद की जड़ बन गया।
विवाद का भारत-पाक रिश्तों पर असर
धुरंधर फिल्म विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कला और राजनीति के बीच की रेखा कितनी पतली है। भारत-पाक संबंध पहले ही संवेदनशील हैं और इस तरह के विवाद उन्हें और जटिल बना देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में संवाद और कानूनी प्रक्रिया ही एकमात्र रास्ता है। फिल्में सामाजिक विमर्श का माध्यम होती हैं, लेकिन उन्हें अंतरराष्ट्रीय संवेदनशीलताओं का भी ध्यान रखना चाहिए।
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