दिल्ली के लाल किले पर हुए घातक ब्लास्ट ने पूरे देश को झकझोर दिया, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि इस हमले के पीछे एक सुविचारित आतंकी साजिश थी, जिसके बाद अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें डॉक्टर, मौलवी, महिला चिकित्सक और इलेक्ट्रिशियन सहित विभिन्न पृष्ठभूमियों के व्यक्ति शामिल हैं। इसी मामले पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी और आतंकवादियों के इरादों और नफ़रत फैलाने वाली सोच पर कड़ा प्रहार किया।
ओवैसी का सख्त रुख – “जो मुल्क का दुश्मन, वो हमारा भी दुश्मन”
दिल्ली ब्लास्ट को आतंकी मानसिकता का परिणाम बताते हुए ओवैसी ने कहा कि वतन की मोहब्बत और मदरसों की तालीम को आतंकवाद से जोड़कर मुस्लिम समाज को निशाने पर लेना गलत है। उन्होंने कहा — “जो जालिम लोग एक मदरसे या स्कूल का कमरा तक नहीं बनवा सकते, वही अमोनियम नाइट्रेट लेकर बैठे हैं। देश में ब्लास्ट हुआ, 15 लोग मारे गए — हिंदू और मुसलमान दोनों। ऐसे लोगों की जहनियत की हमें कड़ी निंदा करनी चाहिए। जो मुल्क का दुश्मन है, वो हमारा भी दुश्मन है।”
मुसलमानों की देशभक्ति पर सवाल उठाने वालों पर वार
ओवैसी ने कहा कि आतंकवादी घटनाओं को बहाना बनाकर पूरे मुस्लिम समुदाय पर संदेह जताना न केवल अनुचित है बल्कि देश की एकता के लिए भी नुकसानदायक है। उन्होंने कहा कि कुछ गुमराह लोग यह सोचते हैं कि मुसलमानों को दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया जाएगा, पर यह उनकी गलतफहमी है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा — “अगर कोई सोच रहा है कि मुसलमान खत्म हो जाएगा या झुक जाएगा तो यह भूल जाएं। हम लोकतंत्र के दायरे में रहकर लड़ेंगे और हर आखिरी सांस तक अपने हक और वतन की रक्षा करेंगे।”
जम्हूरियत ही जवाब — टकराव नहीं
असदुद्दीन ओवैसी ने स्पष्ट कहा कि मुस्लिम समाज हर चुनौती का जवाब लोकतंत्र के रास्ते से देगा। उन्होंने कहा — “तुम एक मस्जिद को शहीद करोगे तो हम लाखों मस्जिदों को आबाद करेंगे। शरीयत पर हमला करोगे तो उसका जवाब कानून और जम्हूरियत के अंदर मिलेगा।” उन्होंने सभी मुसलमानों से अपील की कि वे उकसावे में आए बिना संविधान पर भरोसा बनाए रखें और देश की मजबूती के लिए मिलकर खड़े रहें।
ब्लास्ट केस में गिरफ्तारियां — जांच तेजी पर
अब तक दर्ज गिरफ्तारी सूची में डॉ. आदिल राथर, डॉ. मुजम्मिल गनई, यूपी की डॉ. शाहीन शाहिद और उनके भाई, मौलवी इरफान, आमिर अली, जसीर बिलाल, डॉ. उमर फारूक और उनकी पत्नी शहजादा अख्तर और इलेक्ट्रिशियन तुफैल अहमद शामिल हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार सभी आरोपी साइबर नेटवर्क, रासायनिक पदार्थों और विस्फोटक सामग्री के जरिए दिल्ली में बड़े पैमाने पर हमले की तैयारी में थे। सुरक्षा एजेंसियां अब वित्तीय नेटवर्क, विदेशी लिंक और संभावित सहयोगियों की भी जांच कर रही हैं।
ओवैसी का संदेश — “नफरत जीतने नहीं देंगे”
अपने संबोधन के अंत में ओवैसी ने कहा कि मुसलमान हमेशा इस देश में एक बाइज्ज़त हिंदुस्तानी रहेंगे और रहने के लिए जद्दोजहद भी करेंगे। उन्होंने कहा — “हमारे बुजुर्गों ने इस वतन के लिए कुर्बानी दी है और हम इस मुल्क को और मजबूत करेंगे। आज जो लोग नफरत फैला रहे हैं वह वक्त के गुमराह हैं। वक्त उनका नहीं, वक्त हमारा होगा।” उनका यह बयान राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक मंचों पर चर्चा का विषय बन गया है।
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