दिल्ली एनसीआर में ठंड ने नवंबर में ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। राजधानी में न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 3.6 डिग्री कम है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, यह आंकड़ा पिछले 3 वर्षों में नवंबर के महीने का सबसे कम तापमान है। इससे पहले नवंबर 2022 में 29 तारीख को 7.3°C रिकॉर्ड किया गया था। इस तरह नवंबर 2025 ने ठंड के मामले में पिछले वर्षों के सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं।
एनसीआर में शिमला जैसी ठंड, क्या है अलग-अलग शहरों का हाल?
दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी ठंड ने लोगों को कांपा दिया है। नोएडा में न्यूनतम तापमान 11–12°C, गाजियाबाद में 12°C और गुरुग्राम में 10°C दर्ज हुआ। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि हवा की दिशा, बादल और पश्चिमी विक्षोभ के चलते पूरे एनसीआर में सर्दी समय से पहले दस्तक दे चुकी है।
बारिश के बाद और लुढ़केगा पारा
स्काईमेट वेदर के विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार, दिल्ली में अगले कुछ दिनों में हल्की बारिश हो सकती है। बारिश के बाद ठंड और तेजी से बढ़ने की संभावना है। बारिश के बाद तापमान में 2–3 डिग्री की और गिरावट देखी जा सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल दिन का अधिकतम तापमान 26°C के आसपास रह सकता है।
दिल्ली में 92% तक पहुंची नमी, सुबह-ब सुबह ठंड और तेज
दिल्ली में सुबह 8:30 बजे नमी का स्तर 92% तक पहुंच गया, जिसके चलते सुबह और देर रात ठिठुरन और बढ़ गई। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में कोहरा भी बढ़ने लगेगा, खासकर ग्रामीण इलाकों में। इससे विजिबिलिटी पर असर पड़ सकता है और यातायात भी प्रभावित हो सकता है।
शीतलहर की चेतावनी, कई राज्यों में पारा सामान्य से नीचे
ओडिशा, झारखंड, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मराठवाड़ा, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.6°C से 3°C कम रहा। वहीं तेलंगाना में तापमान सामान्य से 5°C तक नीचे दर्ज हुआ। मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई जहां अधिकांश जिलों में पारा सामान्य से काफी नीचे चला गया। मौसम विभाग ने 18 और 19 नवंबर को शीतलहर की चेतावनी जारी की है।
दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण बना चिंता का कारण
सर्दी के साथ दिल्ली में जहरीली हवा की समस्या भी बढ़ रही है। GRAP-3 के तहत सख्त कदम—स्कूलों में छुट्टियाँ, वर्क फ्रॉम होम—लागू होने के बावजूद प्रदूषण में कोई खास सुधार नहीं हुआ। राजधानी के ज्यादातर इलाकों में AQI 400 से ऊपर बना हुआ है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।
वजीरपुर – 410
बवाना – 419
आनंद विहार – 382
अशोक विहार – 381
पंजाबी बाग – 371
रोहिणी – 384
विवेक विहार – 396
विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान कम होने और हवा की गति धीमी होने से प्रदूषण ज़मीन के पास ही अटक जाता है। इससे सांस की समस्याएँ बढ़ सकती हैं।
अगले कुछ दिनों का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में हल्की बारिश की संभावना बरकरार है, जिससे सर्दी और बढ़ सकती है। हवा की रफ्तार धीमी रहने पर कोहरा भी बढ़ेगा। प्रदूषण के कारण कई इलाकों में स्वास्थ्य जोखिम भी बढ़ सकते हैं। लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलते समय जैकेट और मास्क पहनने की सलाह दी गई है।
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