दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) एक बार फिर गंभीर वायु प्रदूषण की गिरफ्त में है।ठंडी हवाओं की रफ्तार धीमी होने और धूल के महीन कणों के जमाव के कारण शहर की हवा ‘गैस चैंबर’ जैसी हो गई है।केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शनिवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 से 450 के बीच दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।
स्मॉग की चादर और धीमी हवाएं बनी वजह
मौसम विभाग के अनुसार, ठंडी हवा और तापमान में गिरावट की वजह से प्रदूषक कण वातावरण में नीचे ही फंस गए हैं।हवा की रफ्तार 5 किलोमीटर प्रति घंटा से भी कम है, जिससे स्मॉग (Smog) का प्रभाव बढ़ गया है।रात और सुबह के समय विजिबिलिटी भी घटकर 800 मीटर तक रह गई है।विशेषज्ञों का कहना है कि नवंबर के शुरुआती हफ्तों में प्रदूषण का स्तर हर साल बढ़ता है, लेकिन इस बार स्थिति और खराब हुई है क्योंकि पराली जलाने के मामलों में इजाफा हुआ है।
पराली और वाहन उत्सर्जन ने बिगाड़ा हालात
CPCB की रिपोर्ट बताती है कि पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के हजारों मामले सामने आए हैं।इनका धुआं हवा के साथ दिल्ली की ओर फैल रहा है।इसके साथ ही वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ती धूल और जनरेटरों का धुआं भी हवा को जहरीला बना रहा है।दिल्ली के आनंद विहार, जहांगिरपुरी, वजीरपुर, पंजाबी बाग और RK पुरम जैसे इलाकों में AQI 400 के पार दर्ज हुआ।नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी हवा की गुणवत्ता ‘Severe’ स्तर तक पहुंची।
स्वास्थ्य पर असर: सांस और आंखों की जलन बढ़ी
प्रदूषण का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिख रहा है।अस्पतालों में सांस, खांसी और आंखों में जलन की शिकायत लेकर पहुंचने वालों की संख्या बढ़ी है।डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि बच्चे, बुजुर्ग और अस्थमा मरीज इस मौसम में खास सावधानी बरतें।एम्स के एक डॉक्टर ने बताया — “सुबह की सैर से बचें, मास्क पहनें और घर में एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करें।”
सरकार और एजेंसियों ने बढ़ाई निगरानी
दिल्ली सरकार ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) लागू कर दिया है।इसके तहत निर्माण कार्यों पर रोक, पुराने डीजल वाहनों पर प्रतिबंध, और सड़क पर पानी छिड़काव जैसे उपाय किए जा रहे हैं।CPCB ने कहा है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और अगर प्रदूषण का स्तर और बढ़ता है, तो स्कूल बंद और ऑड-ईवन सिस्टम जैसे कदम फिर से लागू किए जा सकते हैं।
IMD की चेतावनी: अगले 3 दिन राहत की उम्मीद नहीं
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले तीन दिन तक हवा की दिशा और गति में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।इसका मतलब है कि प्रदूषण का स्तर फिलहाल ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में बना रह सकता है।IMD ने लोगों को सलाह दी है कि खुले में व्यायाम न करें और सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें।
कैसे कम करें प्रदूषण का असर?
वाहन साझा करें या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करेंपेड़-पौधे लगाएं, इनडोर प्लांट्स जैसे एलोवेरा और स्नेक प्लांट रखेंघर में अगरबत्ती या धूप न जलाएंमास्क का नियमित इस्तेमाल करेंबच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषण से बचाने के लिए घर में रखें
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