सवाई माधोपुर, संवाददाता: बृजेश त्रिवेदी
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के निर्देशानुसार मंगलवार को गंगापुर सिटी उपकारागृह का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण की जिम्मेदारी सचिव समीक्षा गौतम ने संभाली। इस दौरान कुल 57 बंदी उपकारागृह में उपस्थित पाए गए। निरीक्षण का उद्देश्य बंदियों की सुविधाओं और विधिक सहायता की स्थिति का आंकलन करना था।
बंदियों की सुविधाओं और कानूनी सहायता की समीक्षा
सचिव समीक्षा गौतम ने कार्यवाहक जेलर विदेश कुमार से बंदियों को प्रदान भोजन की गुणवत्ता, उनके पास अधिवक्ताओं की उपलब्धता, निःशुल्क विधिक सहायता लेने वाले बंदियों की संख्या और प्रिजन लीगल एड क्लिनिक द्वारा की गई कार्रवाइयों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उपकारागृह में बंदियों को प्रदान मूलभूत सुविधाओं को संतोषजनक पाया गया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि प्रशासनिक स्तर पर बंदियों के अधिकारों और सेवाओं का ध्यान रखा जा रहा है।
मेटरनिटी होम का निरीक्षण
सचिव समीक्षा गौतम ने राजकीय सामान्य चिकित्सालय, गंगापुर सिटी में स्थित मेटरनिटी होम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित पालना गृह इंचार्ज डॉ. सुमन मीणा और डॉ. रामकेश मीणा से जानकारी ली। इसमें विगत दो वर्षों में पालना गृह में छोड़े गए शिशुओं की संख्या, रजिस्टर का उचित संधारण, प्रविष्टियों की नियमितता और महिलाओं को प्रसव पूर्व एवं पश्चात दी जाने वाली सुविधाओं की समीक्षा शामिल थी।
पालना गृह का निरीक्षण और सुधार निर्देश
निरीक्षण के दौरान पालना गृह में सफाई और व्यवस्था में खामियां पाई गईं। बच्चों की सुरक्षा और पालना गृह की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता थी। सचिव समीक्षा गौतम ने निर्देश दिए कि पालना गृह की नियमित रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए और इसके प्रचार-प्रसार में सुधार किया जाए। सचिव समीक्षा गौतम ने गंगापुर सिटी उपकारागृह, मेटरनिटी होम और पालना गृह का निरीक्षण कर सुविधाओं और साफ-सफाई सुधार हेतु दिए निर्देश।
निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियाँ
निरीक्षण के दौरान सचिव ने पाया कि मेटरनिटी होम और पालना गृह में गंदगी और अव्यवस्था थी। सचिव समीक्षा गौतम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए सभी आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएं।
सचिव समीक्षा गौतम के निर्देश और पहल
सचिव समीक्षा गौतम ने अधिकारियों को कहा कि पालना गृह और मेटरनिटी होम की साफ-सफाई नियमित रूप से की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि न केवल सुविधाओं का रखरखाव हो, बल्कि समाज में इन संस्थानों के प्रचार-प्रसार पर भी ध्यान दिया जाए ताकि लोग इनसे लाभ ले सकें।
प्रशासनिक और सामाजिक प्रभाव
इस निरीक्षण से प्रशासनिक स्तर पर सुधार की प्रक्रिया तेज होगी और बंदियों एवं शिशुओं की देखभाल में गुणवत्ता बढ़ेगी। समाज में भी लोगों का विश्वास बढ़ेगा कि सरकारी संस्थान अपने दायित्वों को सही ढंग से निभा रहे हैं।
भविष्य की योजना और सुधार
सचिव समीक्षा गौतम ने संकेत दिया कि उपकारागृह, मेटरनिटी होम और पालना गृह में नियमित निरीक्षण जारी रहेगा। इसका उद्देश्य केवल कमियों को उजागर करना नहीं, बल्कि सुधारात्मक कदम उठाकर संस्थानों की कार्यक्षमता और सामाजिक सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।
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