अलवर (भिवाड़ी),संवाददाता:मुकेश कुमार शर्मा
मध्यप्रदेश कैडर के IAS अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बेटियों पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर पूरे क्षेत्र में आक्रोश पैदा हो गया है।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद देशभर में विरोध तेज हो रहा है और इसी कड़ी में भिवाड़ी में विप्र फाउंडेशन ने सख्त कदम उठाते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन एडीएम सुमित्रा पारीक को सौंपा गया, जिसमें समाज के लोगों ने अधिकारी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग उठाई।
“यह सिर्फ विवाद नहीं, नारी सम्मान पर हमला है”—विप्र फाउंडेशन
ज्ञापन में संगठन ने कहा कि वीडियो में दिखाई दे रही टिप्पणी बेहद अपमानजनक, अशोभनीय और नारी गरिमा पर सीधा प्रहार है।संगठन ने स्पष्ट कहा कि यह केवल ब्राह्मण समाज का नहीं, बल्कि भारत की हर बेटी के सम्मान का मुद्दा है।विप्र फाउंडेशन ने कहा—“इस तरह की भाषा समाज में वैमनस्य फैलाती है और यह मानसिकता देश के लिए बेहद खतरनाक है। ऐसे अधिकारी प्रशासनिक प्रणाली को कलंकित करते हैं।”
संगठन ने की कठोर कार्रवाई की मांग—“तुरंत पद से हटाया जाए”
ज्ञापन में विप्र फाउंडेशन ने राष्ट्रपति से मांग की कि IAS संतोष वर्मा को तुरंत प्रभाव से पद से हटाया जाए और उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए।संगठन का कहना है कि प्रशासनिक सेवाओं में बैठे किसी भी अधिकारी से ऐसी टिप्पणी की उम्मीद नहीं की जा सकती।अगर इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो संदेश जाएगा कि नारी गरिमा का अपमान करने वालों को संरक्षण मिलता है।संगठन ने कहा कि यह केवल एक “विवाद” नहीं बल्कि “गंभीर सामाजिक अपराध” है और इस पर तुरंत और कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।
देशभर में बढ़ रहा विरोध, समाज कर रहा निर्णायक कार्रवाई की मांग
IAS संतोष वर्मा का यह बयान पूरे देश में आक्रोश का कारण बना हुआ है।कई सामाजिक संगठनों, महिला समूहों और युवा मंचों ने इस टिप्पणी को देश की बेटियों का अपमान बताते हुए कार्रवाई की आवाज़ बुलंद की है।भिवाड़ी में सौंपा गया यह ज्ञापन इस विरोध का एक महत्वपूर्ण चरण है और अब सभी की नजरें केंद्र सरकार व संबंधित संस्थाओं पर टिकी हैं कि इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं।
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