बर्लिन | जर्मनी ने कहा है कि रूस यूक्रेन युद्ध खत्म करने के किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं दिख रहा है। बुधवार को जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने संसद में बताया कि रूस ने यूक्रेन के लिए तैयार की गई नई शांति योजना पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है। उनके अनुसार, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बयानों में शांति की कोई इच्छा नजर नहीं आती।

रक्षा बजट में बढ़ोतरी और यूक्रेन को अतिरिक्त सहायता
बोरिस पिस्टोरियस ने कहा कि रूस के इस रुख को देखते हुए जर्मनी अपने रक्षा बजट को बढ़ाने जा रहा है। इसके साथ ही, यूक्रेन को सैन्य सहायता भी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात जर्मनी को नए रणनीतिक पार्टनर खोजने की आवश्यकता का संकेत दे रहे हैं।
2029 तक NATO पर रूस के हमले की चेतावनी
जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वेडफुल ने एक चौंकाने वाली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जर्मन खुफिया एजेंसियों के अनुसार रूस अगले 4 साल में यानी 2029 तक किसी NATO देश पर हमला कर सकता है। वेडफुल के मुताबिक रूस की महत्वाकांक्षा केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं है, बल्कि वह तेजी से अपने हथियार उत्पादन और सैन्य ढांचे को बड़ा कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि रूस हर महीने एक नई सैन्य डिविजन तैयार कर रहा है और अपनी अर्थव्यवस्था व समाज को युद्ध की जरूरतों के मुताबिक ढाल चुका है।

यूरोप पर खतरा—NATO चीफ की चेतावनी
NATO महासचिव मार्क रुटे ने भी स्वीकार किया कि यूक्रेन युद्ध में चाहे शांति समझौता हो जाए, रूस यूरोप के लिए लंबे समय तक खतरा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि यूरोप का कोई भी देश यह न सोचे कि वह सुरक्षित है, क्योंकि रूसी मिसाइलें कुछ ही मिनटों में किसी भी यूरोपीय शहर को निशाना बना सकती हैं।
ट्रम्प की रणनीति की तारीफ
रुटे ने कहा कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा नाटो देशों पर रक्षा खर्च बढ़ाने के लिए बनाए गए दबाव का प्रभाव साफ दिख रहा है। उन्होंने स्पेन सहित कई देशों को भविष्य में अपना रक्षा बजट बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने साथ ही कहा कि यूक्रेन के लिए तैयार नया शांति प्रस्ताव बातचीत की एक अच्छी शुरुआत हो सकता है।





