जयपुर: 5 अक्टूबर 2025 की रात लगभग 11:20 बजे जयपुर के SMS अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो ICU में आग लग गई। आग शॉर्ट सर्किट के कारण स्टोर रूम में लगी, जिसमें पेपर, मेडिकल उपकरण और ब्लड सैंपल रखे हुए थे। आग तेजी से फैल गई और धुएं ने पूरे वार्ड को घेर लिया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में 8 मरीजों की मौत हो गई, जबकि 5 अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है।
लापरवाही और प्रशासनिक कार्रवाई
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने आग लगने की सूचना के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए और मौके से भाग गए। राहत कार्य में सिविल डिफेंस और मरीजों के परिजनों ने सक्रिय भूमिका निभाई। राज्य सरकार ने इस घटना के बाद SMS अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुशील भाटी और ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. अनुराग ढाकड़ को निलंबित कर दिया। इसी तरह, कार्यकारी अभियंता मुकेश सिंघल को निलंबित किया गया और फायर सेफ्टी एजेंसी SK Electric कंपनी का टेंडर रद्द कर दिया गया, साथ ही उनके खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया।
मुआवजा और राज्यव्यापी जांच
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख का मुआवजा देने की घोषणा की। साथ ही, उन्होंने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का आदेश दिया। इसके तहत, अस्पतालों में फायर ड्रील्स, स्टाफ प्रशिक्षण, बेहतर फायर एग्जिट इंफ्रास्ट्रक्चर और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की जाएगी। एक छह सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जो इस हादसे की जांच करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाएगी।
SMS अस्पताल की जर्जर स्थिति
इस हादसे ने SMS अस्पताल की जर्जर और पुरानी इन्फ्रास्ट्रक्चर की समस्याओं को उजागर किया है। अस्पताल में बार-बार वायरिंग फॉल्ट्स, जलभराव, और छतों के गिरने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। हाल ही में कार्डियक साइंसेज और आयुष्मान IPD टॉवर जैसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भारी देरी हुई है। इसके बावजूद, राज्य सरकार का ध्यान नए राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) पर केंद्रित है, जिससे SMS अस्पताल की समस्याओं की अनदेखी हो रही है।
राजनीतिक और न्यायिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस पार्टी ने स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खीमसर से इस्तीफे की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष टिकराम जुल्ली ने सरकार को जिम्मेदार ठहराया और न्यायिक जांच की मांग की है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्रॉमा सेंटर ICU का दौरा किया और शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सीधे तौर पर परिवारों की समस्याओं का समाधान करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को केवल जूनियर स्टाफ को दोषी नहीं ठहराना चाहिए, बल्कि सिस्टम की खामियों को दूर करना चाहिए।
SMS अस्पताल में हुई इस भयावह आग ने न केवल अस्पताल की जर्जर स्थिति को उजागर किया है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को भी सामने लाया है। राज्य सरकार ने जांच और सुधार की दिशा में कदम उठाए हैं, लेकिन यह घटना स्वास्थ्य तंत्र की गंभीर खामियों को दर्शाती है, जिन्हें तत्काल सुधारने की आवश्यकता है।





