कोटा,संवाददाता:तेजपाल सिंह बग्गा
कोटा जिले के कैथून थाना क्षेत्र में शुक्रवार तड़के दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। सुबह करीब 4:30 बजे पारलिया गांव के पास दिल्ली से इंदौर जा रही एक स्लीपर कोच बस की एक अज्ञात वाहन से टक्कर हो गई। इस भीषण दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ यात्री घायल हो गए।यह हादसा इतनी तेज़ टक्कर के साथ हुआ कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और दोनों ड्राइवरों की मौके पर ही मौत हो गई।
कैसे हुआ हादसा?
थाना अधिकारी संदीप शर्मा के अनुसार, स्लीपर कोच बस एमपी 07 ZP 50002 दिल्ली से इंदौर की ओर जा रही थी।बस जैसे ही पारलिया गांव की ढाणी के समीप पहुंची, तभी सामने से आए अज्ञात वाहन ने अचानक तेज रफ्तार में बस को जोरदार टक्कर मार दी।रात के अंधेरे और हाईवे पर वाहनों की गति अधिक होने के कारण बस चालक टक्कर से बच नहीं पाया। हादसा इतना भीषण था कि बस के ड्राइवर केबिन में मौजूद दोनों चालकों की मौके पर ही मौत हो गई।
42 यात्रियों में से आठ घायल, कोटा रैफर
बस में कुल 42 यात्री सवार थे। टक्कर होते ही बस में चीख-पुकार मच गई।घायल यात्रियों को तुरंत जिला पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग की मदद से बाहर निकाला गया। सभी घायलों को कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल रैफर किया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
मृतकों की पहचान हुई, दोनों ड्राइवर थे
इस हादसे में जिन दो व्यक्तियों की जान गई, वे दोनों बस के ड्राइवर बताए जा रहे हैं।
पहचान इस प्रकार है—
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गिरिराज रेबारी, निवासी मंडाना
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श्यामसुंदर सेन, निवासी बोरखेड़ा
दोनों चालक लंबे समय से इंटरसिटी रूट पर अनुभव के साथ कार्य कर रहे थे, लेकिन तेज रफ्तार और अचानक आई बाधा ने उनकी जान ले ली।
अज्ञात वाहन चालक फरार, पुलिस जांच में जुटी
दुर्घटना के बाद अज्ञात वाहन का चालक मौके से फरार हो गया।पुलिस हाईवे पर लगे सीसीटीवी फुटेज और गतिशील वाहनों की ट्रैकिंग के आधार पर संदिग्ध वाहन की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
कोटा ग्रामीण पुलिस ने बताया कि:
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टक्कर मारने वाले वाहन की तलाश प्राथमिकता पर
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हादसे के वास्तविक कारणों की जांच
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हाईवे से जुड़े सुरक्षा मानकों की समीक्षा
ये सभी बिंदु पुलिस की जांच फाइल में शामिल किए जा रहे हैं।
वन-वे और हाईवे पर लगातार बढ़ रहे हादसे
दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-हाईवे को देश के सबसे आधुनिक हाईवे में गिना जाता है, लेकिन तेज रफ्तार, लापरवाही, और रात में भारी वाहनों की अनियंत्रित गति के कारण दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों और परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि:
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रात में भारी वाहनों की स्पीड मॉनिटरिंग आवश्यक
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हाईवे पर रिफ्लेक्टर एवं चेतावनी संकेतों की संख्या बढ़े
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बस ड्राइवरों को दो-दो घंटे के रेस्ट ब्रेक अनिवार्य किए जाए
ऐसी घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा को और मज़बूत करने की जरूरत है।
घटना से यात्रियों में दहशत, बस कंपनी से जवाब-तलब
घटना के बाद यात्रियों में भय और आक्रोश दोनों दिखा।कई यात्रियों ने बताया कि हाईवे पर लगातार तेज रफ्तार में भारी वाहन ओवरटेक करते रहते हैं, जिससे रात के समय खतरा दोगुना हो जाता है। बस कंपनी से भी पुलिस ने विस्तृत बयान मांगे हैं।
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