अलवर , संवाददाता : जसराज पुच्छल पांचोटा
बाबा मोहरम जागृति मंडल ‘ब’ द्वारा काली खोली धाम पर देव दीपावली का उत्सव बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक और समाजसेवी एकत्र हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल आध्यात्मिकता और परंपरा को जीवंत करना था, बल्कि लोगों में पर्यावरण और स्वदेशी चेतना का संदेश भी फैलाना था।कार्यक्रम की शुरुआत धाम परिसर में दीप प्रज्वलन, भजन-कीर्तन और आरती से हुई। पूरा वातावरण भक्ति और प्रकाश से सराबोर हो गया।
श्री संजीव अग्रवाल का प्रेरक पर्यावरण संदेश
भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय पर्यावरण सदस्य श्री संजीव अग्रवाल ने इस अवसर पर लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हुए तीन महत्वपूर्ण बातें साझा कीं —पटाखों का प्रयोग कम करें:उन्होंने कहा कि दीपावली हर्षोल्लास का पर्व है, लेकिन अत्यधिक पटाखों के प्रयोग से वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है। हमें इसे सीमित रखना चाहिए ताकि त्योहार का आनंद बिना किसी हानि के लिया जा सके।देव दीपावली पर एक पेड़ अवश्य लगाएँ:श्री अग्रवाल ने सभी से अनुरोध किया कि हर व्यक्ति इस देव दीपावली पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएँ। इससे पर्यावरण संतुलन बना रहेगा और भविष्य की पीढ़ियों को हरित धरती मिलेगी।चीनी लाइटों का बहिष्कार करें:उन्होंने कहा कि हमें चाइनीज़ लाइटों के स्थान पर स्वदेशी दीये और सजावट सामग्री का प्रयोग करना चाहिए। इससे न केवल स्थानीय कारीगरों को सहयोग मिलेगा, बल्कि ऊर्जा की भी बचत होगी।
स्वदेशी परंपरा के रंगों में सजा धाम
कार्यक्रम के दौरान पूरा काली खोली धाम हजारों मिट्टी के दीयों की रोशनी से जगमगा उठा। महिलाओं और युवाओं ने मिलकर पारंपरिक ढंग से पूजा और सजावट की।इस आयोजन में बाबा मोहरम जागृति मंडल के सचिव अर्जुन गुप्ता, वित्त सचिव अभय चौहान, महिला प्रमुख साधना यादव, सोनम श्रीवास्तव, अनूप श्रीवास्तव, देवांशु शुक्ला, श्याम मित्र मंडल, श्याम भाई, जीतराम और टिंकू जांगिड़ सहित कई प्रमुख सदस्यों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।सभी ने एक सुर में कहा कि हमारे त्योहार तभी सार्थक हैं जब हम उन्हें प्रकृति और संस्कृति दोनों के साथ संतुलित तरीके से मनाएँ।
पेड़ लगाओ – प्रकृति बचाओ अभियान
देव दीपावली के अवसर पर “एक दीप, एक पेड़” का संकल्प लिया गया। समारोह के बाद सामूहिक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें बच्चों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने यह संकल्प लिया कि वे आने वाले हर त्यौहार को पर्यावरण-अनुकूल तरीके से मनाएँगे।
सामाजिक एकता और प्रेरणा का संदेश
इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि जब समाज एकजुट होकर कार्य करता है, तो त्योहार केवल आनंद का नहीं बल्कि जिम्मेदारी का भी प्रतीक बन जाता है। बाबा मोहरम जागृति मंडल ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में “हरी दीपावली – स्वच्छ पर्यावरण” अभियान को पूरे क्षेत्र में चलाया जाएगा।काली खोली धाम पर मनाई गई इस देव दीपावली ने आध्यात्मिकता के साथ-साथ पर्यावरण प्रेम का अद्भुत संदेश दिया।
इस बार का त्योहार न केवल रोशनी का प्रतीक रहा, बल्कि “कम धमाके, ज्यादा दीप, एक पेड़ – एक उम्मीद” की प्रेरणा लेकर आया।





