कोटा,संवाददाता : तेजपाल सिंह बग्गा
कोटा शहर के कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जब एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर नाले में पलट गई। हादसे में ट्रैक्टर चालक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान रामचंद्र पुत्र महावीर गुर्जर, निवासी केशव के रूप में हुई है।पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक्टर के नीचे दबे शव को बाहर निकलवाया और एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। बाद में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सुपुर्द किया गया।परिजनों के अनुसार, रामचंद्र गुर्जर गरीब परिवार से ताल्लुक रखता था और वही घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके परिवार में पत्नी और दो नन्ही बेटियां हैं — बड़ी की उम्र महज 5 साल और छोटी की 2 साल है।हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता के साए के बिना इन मासूमों का भविष्य अंधकार में डूबता नजर आ रहा है।
कैसे हुआ हादसा
मृतक के जीजाजी जगदीश गुर्जर ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे रामचंद्र ट्रैक्टर-ट्रॉली में पराली लेकर गांव आवँली की ओर लौट रहा था। रास्ते में बायीं मुख्य नहर के पास अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और नाले में पलट गया।ट्रॉली के नीचे दबने से रामचंद्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद कुन्हाड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया गया।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया
पुलिस ने ट्रैक्टर को क्रेन की मदद से बाहर निकलवाया और एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में शव का पोस्टमार्टम करवाया। जांच अधिकारी ने बताया कि यह एक साधारण दुर्घटना प्रतीत हो रही है, हालांकि मामले की जांच जारी है।
गरीब परिवार की मदद की अपील
गांव के लोगों और समाजसेवियों ने जिला प्रशासन से मृतक परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि रामचंद्र हमेशा मेहनतकश और जिम्मेदार व्यक्ति था, जिसने अपनी छोटी बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत की।अब हादसे के बाद परिवार आर्थिक तंगी और भावनात्मक सदमे से जूझ रहा है। प्रशासन से उम्मीद जताई जा रही है कि परिवार को उचित मुआवजा और सहायता राशि जल्द दी जाएगी।
स्थानीय स्तर पर उठी सुरक्षा की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य नहर के किनारे बने संकरे रास्तों पर सुरक्षा रेलिंग और चेतावनी संकेत नहीं हैं। कई बार इस क्षेत्र में पहले भी ट्रैक्टर या दोपहिया वाहन फिसलने की घटनाएं हो चुकी हैं।लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नहर किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे टाले जा सकें।
संवेदना संदेश
“रामचंद्र जैसे श्रमिकों की मेहनत से ही गांव और खेतों की अर्थव्यवस्था चलती है। उनका यूं जाना पूरे समाज के लिए एक बड़ी क्षति है।”स्थानीय समाजसेवी संगठनों ने परिवार को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और प्रशासन से त्वरित मदद की मांग की।कुन्हाड़ी का यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि गरीबी, असुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही का मिला-जुला चित्र है। दो नन्ही बच्चियां अब अपने पिता की तस्वीर देखकर ही उसका चेहरा याद करेंगी।यह घटना एक सवाल छोड़ जाती है — कब तक मेहनतकश लोगों की जान यूं ही लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेगी?
#KotaAccident #KunhariNews #TractorTrolleyAccident #RajasthanNews #BreakingNews #KotaUpdate





