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मुंबई में ₹9.94 करोड़ का ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड! फर्जी ‘आनंद राठी’ ऐप से रिटायर्ड वकील को लगाया चूना

मुंबई में ऑनलाइन निवेश के नाम पर बड़ा साइबर फ्रॉड सामने आया है। मुलुंड इलाके में रहने वाले 65 वर्षीय रिटायर्ड वकील घनश्याम मच्छिंद्र म्हात्रे को फर्जी “Anand Rathi” ऐप के ज़रिए करीब ₹9.94 करोड़ का चूना लगाया गया। शिकायत दर्ज होने के बाद अब ईस्ट रीजन साइबर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

 

फर्जी ‘Anand Rathi’ अधिकारी बना ठग

म्हात्रे, जो पहले लार्सन एंड टुब्रो (L&T) में एडमिन और इंडस्ट्रियल रिलेशन हेड रह चुके हैं, जून 2025 में एक व्हाट्सएप मैसेज के ज़रिए ठगों के संपर्क में आए। संदेश भेजने वाली महिला ने खुद को “Anand Rathi Shares & Stock Brokers Ltd.” की एडमिन सुमन गुप्ता बताया। उसने म्हात्रे को “AR Trade Mobi” नामक ऐप पर इन्वेस्ट करने की सलाह दी। भरोसा दिलाने के लिए फर्जी KYC प्रक्रिया के तहत PAN और निजी जानकारी भी हासिल कर ली गई।

 

व्हाट्सएप ग्रुप से शुरू हुई ठगी की कहानी

सुमन ने म्हात्रे को “Anand Rathi VIP 12” नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा। वहां कई लोग खुद को इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट बताते थे और IPOs, म्यूचुअल फंड्स व ट्रेडिंग के झूठे टिप्स शेयर करते थे। कुछ ही दिनों में ऐप पर “प्रॉफिट” दिखने लगा, जिससे म्हात्रे को भरोसा हो गया कि उनका निवेश सही जगह जा रहा है।

 

जून से नवंबर तक करीब ₹9.94 करोड़ हुए ट्रांसफर

धीरे-धीरे ठगों ने म्हात्रे से भारी रकम ऐंठी। जून से नवंबर 2025 के बीच उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में ₹9,94,76,958 ट्रांसफर कर दिए। उन्हें बताया गया कि पैसा IPOs और म्यूचुअल फंड में लगाया जा रहा है। जब उन्होंने रिटर्न निकालने की कोशिश की तो “टेक्निकल इश्यू” का बहाना बनाकर ठगों ने टैक्स और कमीशन के नाम पर और रकम मांगी।

 

Anand Rathi ऑफिस जाकर खुली असलियत

जब म्हात्रे को शक हुआ, तो वे सीधे Anand Rathi ऑफिस, मालाड (ईस्ट) पहुंचे। वहां कंपनी के अधिकारियों ने साफ कहा कि “AR Trade Mobi” नाम का कोई ऐप उनका नहीं है और सुमन गुप्ता नाम की कोई कर्मचारी कंपनी में नहीं है। तभी उन्हें समझ आया कि वे साइबर ठगों के जाल में फंस चुके हैं।

 

साइबर पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच में खुल रहे चौंकाने वाले तथ्य

म्हात्रे ने तुरंत शिवाजीनगर साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि यह गिरोह देशभर में कई फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप चलाकर नामी वित्तीय कंपनियों का रूप धारण करता था और लोगों से निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करता था।

 

लोगों को चेतावनी — निवेश से पहले करें सत्यापन

साइबर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वित्तीय संस्था से निवेश करने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट और ऐप का सत्यापन करें। किसी व्हाट्सएप या सोशल मीडिया लिंक के ज़रिए निवेश करने से बचें। ठगी का कोई भी मामला सामने आए तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।

 

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