अंता (बारां) विधानसभा उपचुनाव में हारने के बाद नरेश मीणा एक बार फिर विवादों में हैं। उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी और भड़काऊ भाषण के आरोप में करौली के सपोटरा थाने में FIR दर्ज की गई। हालांकि नरेश मीणा का कहना है कि यह FIR झूठी और राजनीतिक दबाव में दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति पर दबाव बनाकर FIR दर्ज कराई गई, उसने खुद सोशल मीडिया पर इसे खारिज किया है।
पुलिस पर दबाव और हाजिरी
नरेश मीणा ने मंगलवार को टोंक के नगरफोर्ट थाने में हाईकोर्ट की पालना में उपस्थिति दी। उन्होंने कहा कि पुलिस पर मेरे खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव है। जब भी पुलिस कहेगी, मैं समर्पण करने के लिए तैयार हूं। वे कहते हैं, “लोगों पर हो रहे अन्याय और अत्याचार के खिलाफ मैं लड़ता रहूंगा।” इसके अलावा नरेश ने बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्ष पर वोट चोरी के आरोप लगाते हुए कहा कि अंता में भी उनके चुनाव में ऐसा ही हुआ।

भाजपा और ओम बिरला पर गंभीर आरोप
नरेश ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हजारों बीघा जमीन गोशाला के नाम हड़प ली, किसानों की करोड़ों की परियोजना को रोक दिया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष और अन्य बड़े नेताओं पर जनता के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया।

तीसरे मोर्चे का संदेश
नरेश मीणा ने तीसरे मोर्चे के निर्माण की ओर इशारा करते हुए कहा कि जनता अब इन पार्टियों के गठजोड़ को समझ चुकी है। “जल्द ही सभी लोग मिलकर तीसरा मोर्चा बनाएंगे, और जनता के लिए लड़ेंगे।”
जनता और न्याय के लिए संघर्ष
नरेश ने कहा कि जनता का शोषण बर्दाश्त नहीं करेंगे। वे जनसेवा में लगे हुए हैं, इसके बावजूद हर महीने थाने में हाजिरी देनी पड़ रही है। उन्होंने इसे जनता के लिए लड़ने वाले लोगों पर होने वाली विडंबना और अन्याय बताया।





