पाली शहर के सुमेरपुर रोड इलाके में जमीन कब्जे के विवाद के दौरान महिलाओं के साथ मारपीट और बदसलूकी का मामला सामने आया है। पीड़िता ने पहले भी पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पुश्तैनी जमीन पर विवाद
कोतवाली पुलिस के अनुसार, पानी दरवाजा, सत्यनारायण मार्ग निवासी ललिता परिहार पत्नी रमेश घांची ने रिपोर्ट दी कि उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि सुमेरपुर रोड पर है। 13 अक्टूबर को वह अपनी बेटी और बेटे के साथ जमीन की सफाई कर रही थीं। इसी दौरान गिरधारीसिंह समेत अन्य लोग वहां पहुंचे और उन्हें धमकाते हुए मारपीट की।
पहली शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई
पीड़िता ने बताया कि उसने इस घटना की रिपोर्ट कोतवाली में दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस की निष्क्रियता से आरोपियों के हौसले और बढ़ गए।
इसके बाद 23 अक्टूबर को सुबह आरोपियों ने पीड़िता की कृषि भूमि के गेट का ताला तोड़कर फिर से कब्जे का प्रयास किया।
एसपी को परिवाद देने के बाद दर्ज हुआ केस
पीड़िता ने पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए एसपी को परिवाद दिया। एसपी के निर्देश पर गुरुवार रात को कोतवाली पुलिस ने गिरधारीसिंह और उसके साथियों के खिलाफ मारपीट, लज्जा भंग और जमीन कब्जे के प्रयास के तहत मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस ने शुरू की जांच
कोतवाली पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी तरह की जमीन विवाद या मारपीट की घटना की सूचना तुरंत थाने को दें, ताकि समय पर उचित कार्रवाई की जा सके।
नागरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था
इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि जमीन विवाद में महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय निगरानी और समय पर कार्रवाई से इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।





