झालावाड़, संवाददाता: रमेश चन्द्र बकानी
केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देते हुए प्रधानमंत्री कुसुम योजना (कम्पोनेंट-बी) के तहत सौर ऊर्जा पम्प संयंत्रों पर लगने वाली जीएसटी दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी है।इस निर्णय से अब किसान सोलर पम्प स्थापना पर ₹4,209 से ₹7,811 तक की बचत कर सकेंगे।यह कदम आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में सरकार के सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई मिशन को और गति देगा।पीएम कुसुम योजना का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक बिजली पर निर्भरता से मुक्त कर स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा के माध्यम से सिंचाई की सुविधा प्रदान करना है।अब जीएसटी दर घटने से किसान कम लागत में सौर पम्प लगवा सकेंगे और दिन के समय बिना रुकावट के सिंचाई कर पाएंगे।
60% तक अनुदान और 30% बैंक ऋण की सुविधा
जिले में वर्तमान में 3 एचपी, 5 एचपी और 7.5 एचपी हार्सपावर के सोलर पम्प संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं।इन संयंत्रों पर किसानों को 60% तक सरकारी अनुदान दिया जा रहा है।इसके अलावा अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों को अतिरिक्त ₹45,000 अनुदान भी मिलेगा।किसान अपनी हिस्सेदारी के लिए 30% तक बैंक ऋण भी ले सकते हैं।
झालावाड़ जिले में 500 सोलर पम्प स्थापना का लक्ष्य पूर्ण
सौर ऊर्जा से सिंचाई में बढ़ते रुझान को देखते हुए झालावाड़ जिले में इस वर्ष 500 सोलर पम्प स्थापना का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है।कई किसानों ने योजना का लाभ लेकर अपने खेतों में सौर संयंत्र स्थापित किए हैं, जिससे विद्युत कनेक्शन की प्रतीक्षा से उन्हें मुक्ति मिली है।
कैसे करें आवेदन? जानिए आसान प्रक्रिया
किसान इस योजना के लिए राज किसान पोर्टल पर स्वयं या ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़ हैं:
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जन आधार कार्ड
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जमाबंदी की प्रमाणित नकल
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सिंचाई स्रोत का प्रमाण पत्र
उद्यान विभाग के उप निदेशक सुभाष शर्मा ने बताया कि जीएसटी दर कम होने के बाद किसान अपनी नवीन हिस्सेदारी राशि नई दरों के अनुसार जमा करा सकते हैं।
सौर पम्प से किसानों को मिलेगा दिन में सिंचाई का लाभ
सौर ऊर्जा पम्प स्थापना से किसानों को अब बिजली कनेक्शन या लोड की चिंता नहीं रहेगी।किसान दिन के समय ही सौर ऊर्जा से खेतों की सिंचाई कर पाएंगे, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।सौर ऊर्जा आधारित यह प्रणाली न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि लंबे समय तक कम रखरखाव वाली भी है।
कृषकों के लिए अपील — समय पर करें राशि जमा
विभाग ने किसानों से अपील की है कि जिन्होंने आवेदन कर दिया है, वे अपनी हिस्सेदारी राशि शीघ्र जमा करें, ताकि पम्प स्थापना का कार्य समय पर पूर्ण हो सके।यदि निर्धारित समय पर राशि जमा नहीं की जाती, तो उनकी प्राथमिकता रद्द कर दी जाएगी और नए आवेदकों को मौका मिलेगा।
कहां से लें अधिक जानकारी
योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान उद्यान विभाग के उप निदेशक, सहायक कृषि अधिकारी या कृषि पर्यवेक्षक (उद्यानिकी) से संपर्क कर सकते हैं।पीएम कुसुम योजना किसानों के लिए न केवल ऊर्जा का विकल्प है, बल्कि यह आत्मनिर्भर कृषि और हरित भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है।जीएसटी दर में कमी से किसानों का आर्थिक बोझ घटेगा, जिससे वे आधुनिक सिंचाई व्यवस्था अपनाकर खेती को और लाभदायक बना सकेंगे।
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