पुतिन की भारत यात्रा कल से नई दिल्ली में शुरू होने जा रही है और इस दौरे को सामरिक, आर्थिक और वैश्विक भू-राजनीति के लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है। इस यात्रा के पहले 10% हिस्से में ही स्पष्ट है कि पुतिन की भारत यात्रा भारत-रूस साझेदारी को नए आयाम देने वाली है। रक्षा सौदों, व्यापार विस्तार और तकनीकी सहयोग जैसे कई बड़े एजेंडे इस दौरे में शामिल हैं।
आगमन और पहले दिन की प्रमुख घटनाएँ
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार शाम लगभग 6 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे। उसी रात पीएम नरेंद्र मोदी 7 लोक कल्याण मार्ग पर उनके सम्मान में विशेष रात्रिभोज का आयोजन करेंगे। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच विश्वास और रणनीतिक साझेदारी की मजबूती को दर्शाती है।
राष्ट्रपति भवन में अगले दिन पुतिन को गॉर्ड ऑफ ऑनर भी मिलेगा, जो दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक है। यह पूरा कार्यक्रम भारत के आधिकारिक प्रोटोकॉल की भव्यता को दर्शाता है।
पुतिन-मोदी शिखर सम्मेलन की तैयारियाँ
सुबह 11 बजे हैदराबाद हाउस में 23वीं वार्षिक भारत–रूस शिखर बैठक होगी। पुतिन की भारत यात्रा का सबसे अहम हिस्सा यही है, जहां रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और सामरिक सहयोग पर उच्च-स्तरीय चर्चा होगी। माना जा रहा है कि इस समिट में कई नए सैन्य समझौतों की घोषणा हो सकती है। रूस का ड्यूमा पहले ही भारत के साथ रक्षा समझौते को मंजूरी दे चुका है, जिससे बड़े डिफेंस प्रोजेक्ट्स का रास्ता साफ हो गया है। बैठक के बाद दोनों नेता संयुक्त बयान भी जारी करेंगे, जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए इस यात्रा की दिशा और परिणामों को स्पष्ट करेगा।
सैन्य समझौतों और रणनीतिक सहयोग की चर्चा
भारत और रूस दशकों से रक्षा सहयोग में मजबूत साझेदार रहे हैं। नए समझौतों में मिसाइल तकनीक, उन्नत हथियार प्रणालियाँ, संयुक्त उत्पादन और सैन्य आधुनिकीकरण शामिल हो सकते हैं।
पुतिन की भारत यात्रा के दौरान भारत-रूस रक्षा संबंधों में नई ऊर्जा आने की संभावना है, विशेषकर ऐसे समय में जब वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है।
राजघाट और राष्ट्रपति भवन के कार्यक्रम
पुतिन सुबह 10 बजे राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे। यह परंपरा दर्शाती है कि रूस भारत की आध्यात्मिक विरासत और इतिहास को सम्मान देता है।
बाद में राष्ट्रपति भवन में प्रेसिडेंशियल बैंक्वेट आयोजित होगा, जिसकी मेजबानी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी।
भारत-रूस बिजनेस फोरम और आर्थिक सहयोग
भारत मंडपम में आयोजित भारत-रूस फोरम में दोनों देशों के उद्योगपतियों, व्यापार प्रतिनिधियों और सरकारी टीमों के बीच उच्च-स्तरीय चर्चा होगी।
ऊर्जा, तेल-गैस, व्यापार वृद्धि, डिजिटल टेक्नोलॉजी, फिनटेक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास इस बैठक के मुख्य एजेंडे होंगे।
पुतिन की भारत यात्रा के दौरान भारत-रूस व्यापार को 2030 तक दोगुना करने का लक्ष्य फिर से मजबूत किया जा सकता है।
रोसएटम और परमाणु ऊर्जा से जुड़े नए प्रस्ताव
रूस की सरकारी कंपनी Rosatom तमिलनाडु के कुडनकुलम परमाणु संयंत्र में पहले ही कई रिएक्टर बना रही है। अब उसके CEO अलेक्सी लिगाचेव छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों सहित नई तकनीकों के प्रस्ताव लेकर भारत आ रहे हैं।
क्रेमलिन के प्रवक्ता के अनुसार यह दौरा भारत-रूस के न्यूक्लियर सहयोग को एक नए युग में ले जाएगा।
यह यात्रा क्यों ऐतिहासिक मानी जा रही है
पुतिन की भारत यात्रा सिर्फ एक राजनयिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति, रक्षा सहयोग और आर्थिक संबंधों में नया अध्याय है। यह दौरा भारत-रूस साझेदारी की गहराई और भरोसे को दुनिया के सामने मजबूती से स्थापित करता है।
इस यात्रा के निर्णय आने वाले वर्षों में भारत की सामरिक शक्ति, ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी विकास पर सीधा प्रभाव डाल सकते हैं।
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