अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से उठे दो चक्रवाती सिस्टम का असर अब पूरे राजस्थान पर दिखाई देने लगा है। बुधवार को मौसम विभाग ने राज्य के 11 जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में बूंदी, कोटा, भीलवाड़ा, उदयपुर, अजमेर, जयपुर, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, टोंक, बांसवाड़ा और राजसमंद शामिल हैं।
मंगलवार को हुई झमाझम बारिश, कई जगह नदी-नाले उफान पर
मंगलवार को सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही और कई इलाकों में 1 से 5 इंच तक वर्षा दर्ज की गई। बूंदी जिले के नैनवां में सबसे ज्यादा 130 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। इस भारी बारिश के चलते कई बरसाती नदियां उफान पर आ गईं, वहीं कुछ बांधों और तालाबों में पानी का स्तर बढ़ने से पानी की निकासी करनी पड़ी।
बीसलपुर बांध से खोला गया एक गेट, झीलें लबालब
बीसलपुर बांध में पानी की आवक तेजी से बढ़ गई है। जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने पर एक गेट खोलकर पानी की निकासी की गई। वहीं, उदयपुर की झीलें फतहसागर, पिछोला और स्वरूपसागर पूरी तरह लबालब हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है, जबकि किसानों के लिए भी यह फायदेमंद साबित हो रही है।
भीलवाड़ा में तापमान 19.6 डिग्री तक गिरा, सर्दी ने दी दस्तक
बारिश के साथ ही ठंडी हवाओं का दौर भी शुरू हो गया है। भीलवाड़ा में दिन का अधिकतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के इस समय के लिए सामान्य से लगभग 5 डिग्री कम है। जयपुर, अजमेर, बीकानेर, कोटा और उदयपुर संभागों में हल्की शीतलहर महसूस की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी।
मौसम विभाग ने जारी की नई चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले 24 घंटे तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। विशेषकर दक्षिण और पूर्वी राजस्थान में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। साथ ही, कई इलाकों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।
किसानों के लिए राहत और चिंता दोनों
यह बारिश खरीफ फसलों के लिए तो राहतभरी है, लेकिन जिन इलाकों में अधिक वर्षा हुई है, वहां जलभराव से नुकसान की संभावना भी बनी हुई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश अगले दो दिन तक जारी रहती है, तो फसलें खराब होने का खतरा बढ़ सकता है।
आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ेगी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, चक्रवाती सिस्टम कमजोर पड़ने के बाद उत्तर भारत से ठंडी हवाओं का असर बढ़ेगा। इससे नवंबर की शुरुआत में राजस्थान के कई हिस्सों में तापमान 15 डिग्री से नीचे जा सकता है। यानी अब प्रदेश में सर्दी की शुरुआत हो चुकी है।
लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खुले स्थानों पर बिजली गिरने के समय न जाएं और जलभराव वाले इलाकों में सतर्कता बरतें। साथ ही, किसानों को खेतों में पानी की निकासी का ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
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