कोटा, संवाददाता : तेजपाल सिंह बग्गा
रामगंजमंडी मामा हत्या मामला” कोटा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना के रूप में सामने आया है, जिसमें भांजे ने मामूली घरेलू विवाद के चलते अपने ही मामा की जान ले ली। यह घटना 4 दिसंबर की देर रात रामगंजमंडी क्षेत्र में हुई, जहाँ परिवार के भीतर तनाव धीरे-धीरे हिंसा में तब्दील हो गया। घटना के बाद शुरुआत में इसे एक सामान्य हादसा बताने की कोशिश की गई, लेकिन सच्चाई तब सामने आई जब पुलिस ने अंतिम संस्कार से पहले शव को रोककर पोस्टमार्टम करवाया।
नॉनवेज पकाने और शराब पीने पर विवाद
ग्रामीण पुलिस के अनुसार “रामगंजमंडी मामा हत्या मामला” एक बेहद अजीब लेकिन गंभीर कारण के चलते घटित हुआ। आरोपी भांजा अपने मामा द्वारा घर में नॉनवेज पकाने और शराब पीने को लेकर नाराज रहता था। दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो इस रात अचानक हिंसा में बदल गया। बताया गया कि गुस्से में आए भांजे ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर मामा को बेरहमी से पीटा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
भांजे ने कैसे रची हत्या को छिपाने की कहानी?
हत्या के बाद आरोपी भांजे ने चालाकी से परिवार को बताया कि मामा बाथरूम में गिर गए, जिससे उन्हें चोट आई और उनकी मौत हो गई। परिवार ने शुरुआत में इस बात पर भरोसा कर लिया और अगले दिन सुबह तुरंत अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। लेकिन “रामगंजमंडी मामा हत्या मामला” यहीं खत्म नहीं हुआ क्योंकि पुलिस को घटना पर संदेह हुआ और उन्होंने अंतिम संस्कार रोक दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला सच
जब पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया, तो रिपोर्ट ने पूरे मामले का सच सामने ला दिया।पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि मौत इंटरनल ब्लीडिंग से हुई थी, जो कि किसी तेज़ प्रहार या बुरी तरह मारपीट का नतीजा हो सकता है। डॉक्टरों ने स्पष्ट कर दिया कि यह दुर्घटना नहीं बल्कि हिंसा से हुई मौत है—इसके बाद पूरा मामला हत्या में बदल गया।
पुलिस की कार्रवाई: चार आरोपी गिरफ्तार
रामगंजमंडी मामा हत्या मामला” के उजागर होते ही पुलिस ने तेजी दिखाते हुए भांजे और मारपीट में शामिल उसके तीन दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में भांजे ने हत्या स्वीकार की और बताया कि वह अपने मामा की आदतों से परेशान था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या हत्या पहले से योजनाबद्ध थी या गुस्से में की गई।
ग्रामीण पुलिस अधीक्षक अवनीश शर्मा का बयान
एसपी अवनीश शर्मा ने बताया कि यदि पुलिस समय रहते नहीं पहुंचती तो मामला “दुर्घटना” बताते हुए शांत कर दिया जाता। उन्होंने कहा कि हत्या को छिपाने का प्रयास किया गया और अंतिम संस्कार जल्दबाजी में किया जा रहा था। पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं, जो हत्या की पुष्टि करते हैं।
केस से जुड़े सवाल और आगे की दिशा
रामगंजमंडी मामा हत्या मामला” कई गंभीर सवाल खड़े करता है—
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क्या यह हत्या अचानक गुस्से में हुई या पहले से योजना बनाई गई थी?
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क्या आरोपी पहले भी मामा से विवाद करता था?
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क्या हत्या के पीछे और कोई विवाद था?
पुलिस इन सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल किए जाने की उम्मीद है।
पारिवारिक विवाद ने ली जान
“रामगंजमंडी मामा हत्या मामला” यह दिखाता है कि छोटे-छोटे विवाद भी किस तरह बड़े और घातक रूप ले सकते हैं। एक परिवार से जुड़े इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस की सतर्कता से हत्या का सच बाहर आया, वरना इस मामले को एक साधारण दुर्घटना मानकर हमेशा के लिए दबा दिया जाता।
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