कोटा, संवाददाता: तेजपाल सिंह बग्गा
Rkpuram Electrocution Case कोटा शहर के आरकेपुरम थाना इलाके में घटित एक बेहद दर्दनाक घटना है, जहाँ जीएसएस (Grid Sub Station) पर खेल रही एक मासूम बालिका करंट की चपेट में आकर मौत का शिकार हो गई। यह घटना न केवल परिवार के लिए गहरा सदमा है, बल्कि विभागीय सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी बड़े सवाल खड़े करती है।
हादसा कैसे हुआ? बालिका कैसे आई करंट की चपेट में
घटना कल्पना चावला सर्किल स्थित बिजली विभाग के जीएसएस पर कार्य के दौरान हुई। मृतक बालिका अपने पिता के साथ वहीं मौजूद थी, क्योंकि उसके पिता जीएसएस पर चौकीदार का कार्य करते हैं। बालिका सायना बागड़ी खेलते-खेलते नाली के पास लगी एक लोहे की एंगल को पकड़ बैठी। उसी एंगल में करंट दौड़ रहा था, जिसे उसने पकड़ते ही वह जोरदार झटके से नाली में गिर गई।
बालिका की पहचान और परिवार की स्थिति
मृतक बालिका का नाम सायना बागड़ी है। उसके पिता राकेश बागड़ी बिजली विभाग के जीएसएस पर चौकीदार के रूप में कार्यरत हैं। पिता ने बताया कि बेटी खेल रही थी और अचानक एंगल पकड़ने पर करंट लग गया। परिवार इस हादसे से पूरी तरह टूट चुका है।
बिजली विभाग के जीएसएस पर लापरवाही के आरोप
Rkpuram Electrocution Case ने जीएसएस पर सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्य आरोप इस प्रकार हैं—
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बिजली लाइन पास से गुजर रही थी
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लोहे की एंगल में करंट दौड़ रहा था
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कार्य स्थल पर सुरक्षा बैरिकेडिंग नहीं थी
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बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई गार्ड/चेतावनी बोर्ड नहीं था
यदि उचित सुरक्षा उपाय होते, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
20 मिनट की देरी: सबसे बड़ा सवाल
पिता राकेश के अनुसार, उन्हें घटना की जानकारी लगभग 20 मिनट बाद लगी। इससे यह प्रश्न उठे हैं कि—
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इतने समय तक किसी कर्मचारी ने बच्चे को नहीं देखा?
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जीएसएस जैसी संवेदनशील जगह पर निगरानी क्यों नहीं थी?
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हादसे के तुरंत बाद बच्चे को मदद क्यों नहीं मिली?
यह पहलू Rkpuram Electrocution Case को और गंभीर बनाता है।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार और मौत की पुष्टि
परिजन बालिका को तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल स्टाफ ने बताया कि करंट का झटका बेहद तेज था और नाली में गिरने से हालात और बिगड़ गए।
पुलिस की जांच और प्रारंभिक बयान
आरकेपुरम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जीएसएस पर निरीक्षण किया। पुलिस ने—
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प्रारंभिक बयान लिए
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लोकेशन का निरीक्षण किया
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बिजली विभाग के अधिकारियों से पूछताछ की
शव को मोर्चरी में रखवाया गया है और पोस्टमार्टम की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि Rkpuram Electrocution Case में जिम्मेदारी तय करने के लिए पूर्ण जांच की जाएगी।
Rkpuram Electrocution Case से उठते सुरक्षा प्रश्न
यह घटना दर्शाती है कि—
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जीएसएस जैसे खतरनाक क्षेत्रों में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए
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करंट प्रवाह वाले हिस्सों को पूरी तरह सील किया जाना चाहिए
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बाहरी लोगों, विशेषकर बच्चों, के लिए प्रवेश नियंत्रित होना चाहिए
इस केस से सबक लेने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
Rkpuram Electrocution Case एक बेहद दुखद और संवेदनशील घटना है, जिसने एक मासूम की जान ले ली।
यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का संकेत भी हो सकता है। परिवार शोक में है और प्रशासन पर जिम्मेदारी तय करने का दबाव है। उम्मीद है कि जांच तेजी से आगे बढ़ेगी और भविष्य में ऐसी घटनाएँ रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
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