टोंक, संवाददाता: केशवराज सैन
महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए स्थापित सखी वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली को लेकर sakhi one stop centre inspection के तहत टोंक में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टोंक के सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार जलुथरिया द्वारा शुक्रवार सुबह जनाना चिकित्सालय परिसर में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्रवाई
यह निरीक्षण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टोंक द्वारा राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य सखी वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं को दी जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और संचालन की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना था।
जनाना चिकित्सालय में संचालित केंद्र
सखी वन स्टॉप सेंटर टोंक के जनाना चिकित्सालय, टोंक में संचालित है। निरीक्षण के समय केंद्र पर इंचार्ज सुनीता शर्मा एवं अन्य स्टाफ उपस्थित मिले। हालांकि उस समय कोई भी आश्रित महिला सेंटर में निवासरत नहीं पाई गई।
औचक निरीक्षण के दौरान क्या देखा गया
sakhi one stop centre inspection के दौरान सचिव एडीजे ने सेंटर की संपूर्ण व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने केंद्र में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, पीड़ित महिलाओं के लिए बनाए गए आवासीय कक्षों, परामर्श कक्ष और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच की।
रजिस्टर, आवास व सुविधाओं की जांच
निरीक्षण के दौरान रजिस्टर संधारण, दस्तावेजों की प्रविष्टियां, आवासित महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था, खानपान की गुणवत्ता, चिकित्सा सुविधाएं और काउंसलिंग सेवाओं का मूल्यांकन किया गया। सचिव ने आश्रित महिलाओं के शयनकक्षों की स्थिति भी देखी और स्टाफ से व्यवस्थाओं को लेकर बातचीत की।
महिला बंदियों से जुड़ा गंभीर मामला
निरीक्षण के दौरान इंचार्ज सुनीता देवी ने एक गंभीर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दिनांक 11 दिसंबर 2025 को पुलिस थाना नगरफोर्ट द्वारा एफआईआर संख्या 38/2025 के तहत गिरफ्तार की गई दो महिला बंदी—श्रीमती बादाम एवं श्रीमती सुनीता—को शाम 7:15 बजे सखी वन स्टॉप सेंटर लाया गया था।
सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी लापरवाही
सबसे चिंताजनक तथ्य यह सामने आया कि इन महिला बंदियों की सुरक्षा एवं निगरानी के लिए रात के समय कोई भी पुलिसकर्मी सेंटर पर तैनात नहीं था। sakhi one stop centre inspection में उजागर हुई यह लापरवाही महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
एसपी टोंक को पत्र लिखने के निर्देश
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सचिव एडीजे दिनेश कुमार जलुथरिया ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने इस स्थिति से पुलिस अधीक्षक कार्यालय, टोंक को अवगत कराने के लिए पत्र लिखने और भविष्य में महिला सुरक्षाकर्मी की अनिवार्य उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
महिला सुरक्षा को लेकर सवाल
सखी वन स्टॉप सेंटर का उद्देश्य हिंसा, उत्पीड़न और संकट की शिकार महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। ऐसे में sakhi one stop centre inspection के दौरान सामने आई सुरक्षा खामी न केवल प्रशासनिक चूक को दर्शाती है, बल्कि महिला सुरक्षा के प्रति सिस्टम की गंभीरता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।
प्रशासनिक जिम्मेदारी और अपेक्षाएं
निरीक्षण के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि महिला सुरक्षा से जुड़ी किसी भी व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अपेक्षा की जा रही है कि पुलिस और प्रशासन मिलकर सखी वन स्टॉप सेंटर जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं में 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को वास्तव में सुरक्षित माहौल मिल सके।
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