हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार, 31 अक्टूबर को शेयर बाजार दिनभर दबाव में रहा। सेंसेक्स 465 अंक टूटकर 83,938 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 155 अंक गिरकर 25,722 अंक पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार के दौरान बाजार में लगभग 800 अंकों का उतार-चढ़ाव देखा गया। सेंसेक्स के 30 में से 25 शेयरों में गिरावट रही। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) का शेयर 4% तक चढ़ा, जबकि जोमैटो, NTPC और कोटक बैंक जैसे बड़े शेयरों में 3.5% तक की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी के 50 में से 41 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। NSE के IT, मीडिया और मेटल इंडेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। वहीं सरकारी बैंकिंग और ऑयल एंड गैस सेक्टर में थोड़ी खरीदारी देखने को मिली।
ग्लोबल मार्केट में मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में शुक्रवार को उतार-चढ़ाव देखने को मिला। जापान का निक्केई इंडेक्स 2.12% बढ़कर 52,411 पर और कोरिया का कोस्पी 0.50% ऊपर 4,107 पर बंद हुआ। वहीं, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.45% गिरकर 25,906 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.83% गिरकर 3,954 पर बंद हुआ। अमेरिकी बाजारों में भी कमजोरी का रुझान दिखा। 30 अक्टूबर को अमेरिका का डाउ जोन्स 0.23% टूटा, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 1.57% और S&P 500 इंडेक्स 0.99% गिरावट के साथ बंद हुए।

लेंसकार्ट का IPO आज से ओपन
आईवियर कंपनी लेंसकार्ट (Lenskart) का IPO शुक्रवार से निवेशकों के लिए खुल गया है। यह इश्यू 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक ओपन रहेगा। प्राइस बैंड ₹382 से ₹402 प्रति शेयर तय किया गया है। निवेशकों को कम से कम 1 लॉट (37 शेयर) के लिए आवेदन करना होगा, जिसके लिए लगभग ₹14,874 का निवेश जरूरी है। कंपनी के शेयर 10 नवंबर को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे। लेंसकार्ट इस IPO के जरिए करीब ₹7,278 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है।
विदेशी और घरेलू निवेशकों की चाल
30 अक्टूबर को विदेशी निवेशकों (FIIs) ने कैश मार्केट में ₹3,077.59 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹2,469.34 करोड़ की नेट खरीदारी की। अक्टूबर महीने में FIIs ने अब तक ₹4,422.45 करोड़ के शेयर बेचे हैं, जबकि DIIs ने इसी अवधि में ₹45,725.58 करोड़ की खरीदारी की है। सितंबर महीने में विदेशी निवेशकों ने जहां ₹35,301.36 करोड़ के शेयर बेचे थे, वहीं घरेलू निवेशकों ने ₹65,343.59 करोड़ की नेट खरीदारी की थी।
पिछले कारोबारी दिन भी बाजार टूटा था
30 अक्टूबर (गुरुवार) को भी बाजार में गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स 593 अंक गिरकर 84,404 पर और निफ्टी 176 अंक गिरकर 25,878 पर बंद हुआ था। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 लाल निशान पर बंद हुए। एयरटेल, पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा और इंफोसिस के शेयरों में 1.5% तक की गिरावट रही, जबकि L&T और BEL ने मामूली बढ़त दर्ज की। निफ्टी के सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स — IT, FMCG, फार्मा, मेटल और हेल्थकेयर — में कमजोरी रही।

निवेशकों के लिए संकेत
मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि वैश्विक आर्थिक संकेत, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय बाजार पर साफ दिख रहा है। IT और मेटल सेक्टर में मुनाफावसूली जारी है,
जबकि बैंकिंग और ऑयल सेक्टर में मजबूती दिख सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्ते में निफ्टी 25,500 से 26,000 के दायरे में रह सकता है। निवेशकों को इस समय सतर्क रहकर क्वालिटी स्टॉक्स में लंबी अवधि के लिए निवेश की सलाह दी जा रही है।





