मुंबई: सोमवार 1 दिसंबर को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 65 अंक गिरकर 85,642 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 27 अंक लुढ़कर 26,176 पर बंद हुआ। इसके पहले शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स ने 86,159 और निफ्टी ने 26,325 का ऑलटाइम हाई बनाया था।
विश्लेषकों के अनुसार, आज FMCG, फार्मा और फाइनेंस शेयरों में बिकवाली रही। वहीं ऑटो और IT शेयरों में हल्की तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 16 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

एशियाई और अमेरिकी बाजार की स्थिति
एशियाई बाजार में मिश्रित रुझान रहा। कोरिया का कोस्पी 0.16% नीचे और जापान का निक्केई 1.89% नीचे बंद हुआ। वहीं, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 0.67% ऊपर बंद हुआ। अमेरिकी बाजार में 28 नवंबर को सकारात्मक रुझान रहा। डाउ जोन्स 0.61% बढ़कर 47,716 पर बंद हुआ, नैस्डेक कंपोजिट में 0.65% और S&P 500 में 0.54% की तेजी रही।
विदेशी और घरेलू निवेशकों का रुझान
नवंबर में विदेशी निवेशकों (FIIs) ने कुल ₹17,500.31 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू निवेशकों (DIIs) ने कुल ₹77,083.78 करोड़ की खरीदारी की, जिससे बाजार को मजबूती का समर्थन मिला। 28 नवंबर को कैश सेगमेंट में FIIs ने ₹3,795.72 करोड़ के शेयर बेचे और DIIs ने ₹4,148.48 करोड़ की खरीदारी की। विश्लेषकों के अनुसार, घरेलू निवेशक बाजार की स्थिरता के लिए अहम भूमिका निभा रहे हैं।
पिछले कारोबारी दिन का हाल
शुक्रवार 28 नवंबर को सेंसेक्स 14 अंक गिरकर 85,707 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 13 अंक गिरकर 26,203 पर बंद हुआ। उस दिन ऑयल एंड गैस, रियल्टी, प्राइवेट बैंकिंग और IT शेयरों में गिरावट रही। मेटल, मीडिया, फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में भी कमजोरी देखी गई।

27 नवंबर को बाजार ने बनाया ऑलटाइम हाई
27 नवंबर को सेंसेक्स और निफ्टी ने 14 महीने बाद ऑलटाइम हाई बनाया था। निफ्टी कारोबार के दौरान 26,310 और सेंसेक्स ने 86,055 का लेवल छुआ। इससे पहले 27 सितंबर 2024 को सेंसेक्स 85,978 और निफ्टी 26,277 के ऑलटाइम हाई पर थे। विश्लेषक मानते हैं कि ऑलटाइम हाई के बाद की यह गिरावट सामान्य है और निवेशकों को लंबी अवधि के नजरिए से निवेश पर ध्यान देना चाहिए।
सोमवार के कारोबारी सत्र में बाजार ने ऑलटाइम हाई बनाने के बाद बिकवाली का सामना किया। FMCG और फार्मा सेक्टर में कमजोरी रही, जबकि ऑटो और IT शेयरों ने कुछ राहत दी। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और घरेलू निवेशकों का समर्थन बाजार की दिशा तय करने में अहम रहा।
विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव बाजार का हिस्सा हैं, और दीर्घकालिक निवेशक स्थिरता के साथ लाभ कमा सकते हैं।





