टोंक, 15 अक्टूबर – दीपावली से पहले शुद्ध खाद्य सामग्री सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान’ के अंतर्गत टोंक जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा छापेमारी कर बड़ी मात्रा में मिलावटी सामग्री जब्त की गई है।
त्योहारों के दौरान मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की खपत में भारी इज़ाफा होता है, जिससे मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा आयुक्त टी. शुभमंगला और जिला कलेक्टर श्रीमती कल्पना अग्रवाल के निर्देश पर जिला स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
325 किलो सोन पपड़ी सीज – भगवती ब्रांड जांच के घेरे में
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र सिंह चौधरी के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी मदन लाल गुजर की अगुवाई में टोंक जिले के मालपुरा स्थित रिद्धि सिद्धि एजेंसी के गोदाम पर छापा मारा गया।
इस दौरान “भगवती ब्रांड” की सोन पपड़ी का नमूना जांच के लिए लिया गया और शेष बची हुई लगभग 325 किलो सोन पपड़ी को जांच रिपोर्ट आने तक सीज कर दिया गया।
नियमों का उल्लंघन
पैकिंग पर निर्माण तिथि, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट नहीं होने के कारण FSSA अधिनियम 2006 के तहत इसे सीज किया गया। ऐसे मामले उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं।
अन्य नमूने भी लिए गए जांच के लिए
खाद्य सुरक्षा टीम ने इसी अभियान के तहत कई अन्य प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए हैं:
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तिवाड़ी इंटरप्राइजेज, मालपुरा से रसगुल्ला
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कुंदन मल चंदन मल से गुड़ और हींग
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बीकानेर मिष्ठान भंडार से मावा और मावा बर्फी
इन सभी नमूनों को प्रयोगशाला भेज दिया गया है, और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
दीपावली तक लगातार चलेगा अभियान
खाद्य सुरक्षा अधिकारी मदन लाल गुजर ने स्पष्ट किया कि त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों पर नजर रखी जाएगी और दीपावली तक यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
टीम में अविनाश साहू, रामेश्वर प्रसाद, तिलक वर्मा, प्रहलाद आदि अधिकारी भी उपस्थित रहे।
उपभोक्ताओं से अपील
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी पैकिंग, निर्माण तिथि और ब्रांडिंग की जांच जरूर करें, और किसी भी संदिग्ध स्थिति में विभाग को सूचित करें।
यह समाचार इस बात का प्रमाण है कि राजस्थान सरकार और खाद्य सुरक्षा विभाग मिलावटखोरी के खिलाफ गंभीर और सतर्क हैं। टोंक जिले में 325 किलो सोन पपड़ी को सीज करना दर्शाता है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य विक्रेताओं पर अब कठोर कार्यवाही की जा रही है।
त्योहारी सीजन में आम जनता के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए यह एक सराहनीय कदम है, जो अन्य व्यापारियों को भी चेतावनी देता है कि वे गुणवत्तायुक्त और नियमों के अनुसार ही खाद्य सामग्री बेचें।
👉 इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है:
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मिलावट पर रोक लगाना
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जनता को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना
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उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा करना
इस तरह के निरंतर निरीक्षण और सख्त कार्रवाइयों से जनमानस में विश्वास बढ़ेगा और खाद्य विक्रेताओं में जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
संवाददाता: केशव राज सैन
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