जयपुर | जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने एक बेहद दुर्लभ बीमारी मिडियन आर्कुएट लिगामेंट सिंड्रोम (MALS) से पीड़ित मरीज का सफल ऑपरेशन किया है। यह बीमारी दुनिया में एक लाख लोगों में किसी एक व्यक्ति को ही होती है। इस मामले में मरीज की मुख्य आर्टरी, जो पाचन तंत्र को खून की सप्लाई करती है, करीब 70% दबाव में आने के कारण ब्लॉक हो गई थी, जिससे खाने के बाद दर्द, भूख कम लगना और वजन तेजी से घटने जैसी गंभीर समस्याएँ पैदा हो गई थीं।

20 किलो वजन पर आ गया था मरीज, पाचन और भूख दोनों प्रभावित
डॉक्टरों के अनुसार 34 वर्षीय सीकर निवासी युवक पिछले 7 साल से इस बीमारी से जूझ रहा था। उसे लंबे समय से भूख कम लगती थी और यदि थोड़ी मात्रा में खाना खाता भी था, तो तुरंत तेज पेट दर्द होने लगता था। धीरे-धीरे यह समस्या इतनी अधिक बढ़ गई कि मरीज का वजन सिर्फ 20 किलोग्राम रह गया। लगातार पाचन खराब रहने, घबराहट और कमजोरी की वजह से मरीज की हालत बिगड़ती चली गई। कई शहरों के डॉक्टरों को दिखाने और अनेक जांचें कराने के बावजूद बीमारी का सही कारण पता नहीं चल पाया। पिछले छह महीनों में उसकी स्थिति और गंभीर हो गई थी, यहां तक कि हीमोग्लोबिन भी 5.8 तक गिर गया था।
CT एंजियोग्राफी ने खोली बीमारी की असल वजह
SMS हॉस्पिटल पहुंचने पर मरीज की रूटीन ब्लड जांच, सोनोग्राफी और अन्य टेस्ट किए गए, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। इसके बाद डॉक्टरों ने CT एंजियोग्राफी की सलाह दी। इस जांच में स्पष्ट हुआ कि मरीज की पाचन तंत्र को रक्त सप्लाई करने वाली मुख्य धमनी (सीलिएक आर्टरी) पर ऊपर से एक मोटी मांसपेशी दबाव बना रही है, जिसकी वजह से आर्टरी पूरी तरह ब्लॉक नहीं थी, लेकिन 70% तक दब चुकी थी। इसी दबाव के कारण खाद्य पाचन प्रभावित हो रहा था और मरीज को लगातार दर्द और कमजोरी हो रही थी।
रोबोटिक सर्जरी से सिर्फ 2 घंटे में किया उपचार
जनरल सर्जरी विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. जीवन कांकरिया ने बताया कि 17 नवंबर को मरीज का ऑपरेशन रोबोटिक तकनीक से किया गया। चूंकि दबाव डालने वाली मांसपेशी आर्टरी के काफी अंदर मौजूद थी, इसलिए यह सर्जरी सामान्य तरीके से जोखिमपूर्ण हो सकती थी। रोबोट की मदद से सटीकता के साथ उस मांसपेशी को काटकर हटाया गया, जिससे आर्टरी पर बना दबाव तुरंत खत्म हो गया। ऑपरेशन करीब दो घंटे में सफलतापूर्वक पूरा हुआ।
ऑपरेशन के अगले दिन खाना और चौथे दिन मिली छुट्टी
डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन के अगले दिन ही मरीज को भोजन दे दिया गया और उसकी प्रतिक्रिया सामान्य रही। चौथे दिन मरीज को छुट्टी दे दी गई। लगभग एक सप्ताह बाद दोबारा जांच के लिए बुलाया गया और CT एंजियोग्राफी की गई, जिसमें आर्टरी पूरी तरह खुली और सामान्य पाई गई। इस जटिल और दुर्लभ बीमारी का इतनी तेजी और सटीकता से उपचार कर SMS हॉस्पिटल ने एक बड़ी चिकित्सा उपलब्धि दर्ज की है।





