जयपुर | अब प्रदेश में सोसाइटी पट्टा रजिस्ट्री पहले जैसे नहीं होगी। राज्य सरकार ने रजिस्ट्रेशन एक्ट-2021 में बड़े बदलाव लागू किए हैं, जिसके बाद बिना लैंड कन्वर्जन और 90A के कोई भी सोसाइटी पट्टा रजिस्टर्ड नहीं होगा। इस फैसले ने रजिस्ट्री ऑफिसों में कामकाज ठप कर दिया है और हजारों खरीदारों में चिंता बढ़ गई है।

सोसाइटी पट्टा रजिस्ट्री में बदलाव क्यों किए गए?
सरकार का साफ कहना है कि सोसाइटी पट्टा रजिस्ट्री में लगातार फर्जीवाड़ा, गलत जमीन बिक्री और अवैध प्लॉटिंग के मामले बढ़ रहे थे। कई सोसाइटी बिना कन्वर्जन के ही कृषि, सरकारी और SC-ST जमीन पर कॉलोनी काटकर बेच रही थीं। यह विवादों की जड़ बन चुका था, इसलिए सरकार ने कठोर कदम उठाया।
रजिस्ट्रेशन एक्ट-2021 संशोधन के बाद नया नियम
नए प्रावधान के तहत अब सोसाइटी पट्टा रजिस्ट्री तभी होगी जब भू-मालिक यह साबित करेगा कि प्लॉट वाली जमीन कन्वर्टेड है या वह 90A में शामिल है। इनके बिना उप-रजिस्ट्रार किसी भी सोसाइटी पट्टे की रजिस्ट्री नहीं करेंगे। जिम्मेदारी पूरी तरह उनके ऊपर होगी, जिससे वे अब बहुत सतर्कता से फाइलें स्वीकार रहे हैं।
लैंड कन्वर्जन और 90A का सबूत क्यों अनिवार्य किया गया?
जमीन का कन्वर्जन यह प्रमाणित करता है कि कृषि भूमि या किसी गैर-आवासीय भूमि को कानूनी रूप से आवासीय उपयोग में बदला गया है। 90A यह दर्शाता है कि कॉलोनी नियमानुसार विकसित हो रही है। इससे फर्जी प्लॉटिंग, अवैध कॉलोनी और विवादित भूमि बिक्री पर रोक लग सकेगी।
सरकारी, SC-ST और कृषि भूमि के गलत बेचान पर रोक
राजस्थान में SC-ST जमीन की बिक्री काश्तकारी अधिनियम के तहत बेहद संवेदनशील विषय है। नियम है कि SC-ST की जमीन केवल उन्हीं वर्गों को बेची जा सकती है। लेकिन कई सोसाइटी वाले बिना कन्वर्जन के ऐसी जमीन पर प्लॉटिंग कर रहे थे। नए कानून से इस गलत प्रैक्टिस पर स्ट्रिक्ट कंट्रोल होगा।
आदेश लागू होते ही रजिस्ट्री ऑफिसों में कामकाज ठप
आदेश लागू होते ही प्रदेशभर के उप-रजिस्ट्रार ऑफिसों में गफलत की स्थिति पैदा हो गई। अधिकतर पट्टे कन्वर्जन या 90A के बिना थे, इसलिए कामकाज लगभग ठप रहा। खरीदार, वकील और दलाल सभी को नई प्रक्रिया समझने में दिक्कतें आने लगीं।

आमजन की परेशानी कैसे बढ़ेगी?
जिन लोगों ने सोसाइटी से प्लॉट खरीद रखा है और जिनको अभी तक कन्वर्जन या 90A के दस्तावेज नहीं मिले, उन्हें बड़ी समस्या का सामना करना पड़ेगा। अब उन्हें सोसाइटी पर निर्भर रहने के बजाय जिला प्रशासन या JDA से आवश्यक कागजात जुटाने होंगे, जिससे समय और पैसा दोनों खर्च होंगे।
वकीलों का विरोध क्यों?
वकीलों का कहना है कि इससे रजिस्ट्री प्रक्रिया जटिल हो गई है और आमजन को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। वे चाहते हैं कि सरकार एक ट्रांजिशन पीरियड दे ताकि पुराने खरीदारों को राहत मिल सके।
सरकार की आमदनी में बढ़ोतरी
करीब 60% रजिस्ट्री सोसाइटी पट्टों की होती है। अब हर कॉलोनी केवल कन्वर्जन और 90A के बाद ही बनेगी, जिससे कन्वर्जन चार्ज, 90A फीस और अन्य दस्तावेज़ फीस बढ़ेगी। इससे राज्य सरकार को बड़ा राजस्व मिलेगा।
समाधान क्या है? खरीदारों को क्या करना चाहिए?
यदि आपने सोसाइटी से प्लॉट लिया है तो सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि:
-
जमीन कन्वर्टेड है या नहीं
-
सोसाइटी ने 90A कराया या नहीं
-
आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं या नहीं
खरीदारों को चाहिए कि वे जल्द से जल्द सोसाइटी से कागजात मांगें या जिला प्रशासन से जानकारी लें।
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें
प्रदेश की सोसाइटी पट्टा रजिस्ट्री, लैंड कन्वर्जन नियमों और रियल एस्टेट से जुड़ी हर बड़ी अपडेट के लिए हमारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ज़रूर फॉलो करें।
👉 Instagram:
https://instagram.com/enewsbharat
👉 Facebook:
https://facebook.com/enewsbharat
👉 X (Twitter):
https://x.com/eNewsRajasthan
👉 YouTube (Subscribe):
https://youtube.com/@enewsbharat
यहां आपको मिलेंगे – लाइव अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज़, शॉर्ट वीडियो, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, मैच प्रीव्यू और रिव्यू
eNewsBharat के साथ जुड़े रहें
सोसाइटी पट्टा रजिस्ट्री, लैंड कन्वर्जन, 90A प्रक्रिया, रियल एस्टेट नियमों और देश–प्रदेश की सभी बड़ी घटनाओं की पल–पल की खबरों के लिए eNewsBharat
को विज़िट करते रहें। आपका भरोसा ही हमारी ताकत है—हम आगे भी आपको सबसे तेज़, सटीक और विश्वसनीय अपडेट पहुंचाते रहेंगे।





