30 अक्टूबर को सोना और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 10 ग्राम सोना ₹1,375 गिरकर ₹1,19,253 पर पहुंच गया। बुधवार को इसका भाव ₹1,20,628 था। वहीं, चांदी की कीमत ₹1,033 घटकर ₹1,45,600 प्रति किलोग्राम पर आ गई।
इससे पहले 17 अक्टूबर को सोना ₹1,30,874 और चांदी ₹1,71,275 के ऑल-टाइम हाई पर पहुंची थी। महज 13 दिनों में ही सोना ₹10,246 और चांदी ₹25,675 सस्ती हो चुकी है।
IBJA के रेट और वास्तविक बाजार भाव में अंतर क्यों होता है
IBJA द्वारा जारी किए गए रेट में 3% GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर मार्जिन शामिल नहीं होते। इसी कारण स्थानीय बाजार में दाम थोड़े अधिक या कम देखे जाते हैं। RBI सोवरेन गोल्ड बॉन्ड के रेट तय करने के लिए इन्हीं आंकड़ों का उपयोग करता है। साथ ही कई बैंक गोल्ड लोन के ब्याज निर्धारण के लिए IBJA रेट को आधार मानते हैं।
सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट की 3 बड़ी वजहें
1. त्योहारों के बाद मांग में कमी
दिवाली और शादी के सीजन के बाद भारत में सोना-चांदी की मांग पर ब्रेक लग गया है। सीजनल खरीदारी के खत्म होने से बाजार में डिमांड घटी है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है।
2. ग्लोबल टेंशन में राहत से गिरा सेफ-हेवन डिमांड
सोना और चांदी को निवेश की दृष्टि से ‘सेफ-हेवन’ माना जाता है। जब दुनिया में राजनीतिक या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक इन धातुओं की ओर रुख करते हैं। हाल में अंतरराष्ट्रीय तनाव घटने से निवेशकों ने सोना-चांदी से दूरी बनानी शुरू कर दी है।
3. प्रॉफिट बुकिंग और ओवरबॉट इंडिकेटर का असर
सोना-चांदी के ऑलटाइम हाई के बाद निवेशकों ने प्रॉफिट बुकिंग शुरू की। साथ ही तकनीकी संकेतक जैसे RSI (Relative Strength Index) दिखा रहे थे कि भाव ओवरबॉट स्तर पर पहुंच चुके हैं। परिणामस्वरूप, ट्रेडर्स और डीलर्स ने बिकवाली शुरू कर दी, जिससे कीमतों में तेजी से गिरावट आई।
2025 में अब तक का प्रदर्शन: सोना ₹43,091 और चांदी ₹59,583 महंगी
हालांकि हाल की गिरावट के बावजूद, पूरे साल के नजरिए से देखें तो सोना और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम सोना ₹76,162 का था, जो अब ₹1,19,253 हो गया है — यानी ₹43,091 की वृद्धि। इसी तरह, एक किलो चांदी ₹86,017 से बढ़कर ₹1,45,600 पहुंच गई — यानी ₹59,583 की बढ़त।
निवेशकों के लिए क्या रणनीति अपनानी चाहिए
विशेषज्ञों का कहना है कि सोना और चांदी में यह गिरावट एक “टेक्निकल करेक्शन” है। निवेशकों के लिए यह दीर्घकालिक निवेश का अच्छा अवसर हो सकता है। हालांकि, अल्पकालिक ट्रेडर्स को सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है।
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