झालावाड़, संवाददाता: रमेश चंद्र शर्मा
स्वामी रामेश्वर आश्रम आयुर्वेद शिविर का आयोजन झालावाड़ जिले के बकानी स्थित स्वामी रामेश्वर आश्रम गुरुकुल धाम में किया गया। यह शिविर परम पूज्य स्वामी श्री रामेश्वर आश्रम जी महाराज के 115वें उत्तरण दिवस एवं 26वें पुण्य स्मरण दिवस के पावन अवसर पर आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में मरीजों ने भाग लिया।
115वां उत्तरण दिवस और 26वां पुण्य स्मरण दिवस
स्वामी श्री रामेश्वर आश्रम जी महाराज का जीवन सेवा, साधना और समाज कल्याण को समर्पित रहा। उनके 115वें उत्तरण दिवस एवं 26वें पुण्य स्मरण दिवस के अवसर पर आयोजित स्वामी रामेश्वर आश्रम आयुर्वेद शिविर ने उनके विचारों और सेवा भावना को साकार रूप प्रदान किया।
गुरुकुल धाम बकानी में शिविर का आयोजन
27 जनवरी, मंगलवार को यह आयुर्वेद चिकित्सा एवं परामर्श शिविर प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक चला। गुरुकुल धाम बकानी में आयोजित इस शिविर में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
आयुर्वेद चिकित्सा एवं थेरेपी की व्यवस्था
शिविर में आयुर्वेद विशेषज्ञों द्वारा रोगियों की जांच कर उन्हें उचित परामर्श दिया गया। इसके साथ ही पंचकर्म, दर्द निवारण, जोड़ों के रोग, गैस, त्वचा रोग एवं अन्य सामान्य बीमारियों के लिए आयुर्वेदिक थेरेपी भी उपलब्ध कराई गई। स्वामी रामेश्वर आश्रम आयुर्वेद शिविर पूरी तरह निशुल्क रखा गया था।
185 मरीजों ने उठाया निशुल्क लाभ
शिविर के दौरान कुल 185 मरीजों ने आयुर्वेद चिकित्सा और परामर्श का लाभ उठाया। मरीजों ने बताया कि उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों से विस्तार से सलाह मिली और आयुर्वेदिक उपचार से सकारात्मक परिणाम की उम्मीद जगी है।
झालावाड़ विश्वकर्मा आयुर्वेद हॉस्पिटल की भूमिका
इस शिविर का आयोजन झालावाड़ विश्वकर्मा आयुर्वेद हॉस्पिटल एवं सेवा प्रतिष्ठान के तत्वाधान में किया गया। संस्था के चिकित्सकों और स्टाफ ने पूरे समर्पण भाव से सेवा प्रदान की। स्वामी रामेश्वर आश्रम आयुर्वेद शिविर संस्था की सामाजिक प्रतिबद्धता का उदाहरण बना।
ग्रामीण क्षेत्र में आयुर्वेद का महत्व
ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी आयुर्वेद चिकित्सा पर लोगों का गहरा विश्वास है। कम खर्च, बिना साइड इफेक्ट और दीर्घकालिक लाभ के कारण आयुर्वेद को विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसे शिविर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करते हैं।
मरीजों की प्रतिक्रिया और अनुभव
शिविर में पहुंचे मरीजों ने आयोजन की सराहना की। कई मरीजों ने कहा कि इस तरह के स्वामी रामेश्वर आश्रम आयुर्वेद शिविर नियमित रूप से लगने चाहिए, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों को इलाज के लिए दूर न जाना पड़े।
आयुर्वेद चिकित्सा क्या है
आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जिसमें शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर जोर दिया जाता है। इसमें जड़ी-बूटियों, योग और जीवनशैली सुधार के माध्यम से रोगों का उपचार किया जाता है। आयुर्वेद से जुड़ी अधिक जानकारी Wikipedia पर उपलब्ध है।
सेवा, संस्कार और स्वास्थ्य का संगम
स्वामी रामेश्वर आश्रम आयुर्वेद शिविर न केवल स्वास्थ्य सेवा का माध्यम बना, बल्कि यह आध्यात्मिक परंपरा और समाज सेवा का भी प्रतीक रहा। ऐसे आयोजनों से समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ती है और जरूरतमंदों को राहत मिलती है।
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