उत्तराखंड के विकासनगर में ड्रग तस्करी का ऐसा मामला सामने आया है जिसने स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग को चौंका दिया है। एक प्राइवेट डॉक्टर को पुलिस ने 52 लाख रुपये मूल्य की स्मैक के साथ गिरफ्तारकिया है। आरोपी डॉक्टर ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह यह नशा एक महिला तस्कर से खरीदकर लाया था और आगे इसे सप्लाई करने की तैयारी में था।पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि डॉक्टर कब से और किस-किस के साथ मिलकर नशा सप्लाई कर रहा था।
मामला कैसे खुला? पुलिस की टीम को मिली गुप्त सूचना
पुलिस को गुप्त माध्यम से सूचना मिली थी कि क्षेत्र में एक व्यक्ति भारी मात्रा में नशीला पदार्थ लेकर घूम रहा है। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम ने आरोपी को रोककर तलाशी ली, जिसके दौरान उसके बैग से260 ग्राम स्मैक बरामद की गई।बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 52 लाख रुपये आंकी गई है।पुलिस ने मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया और थाने ले जाकर विस्तृत पूछताछ की।
डॉक्टर का खुलासा: “एक महिला तस्कर से लिया माल”
पूछताछ के दौरान आरोपी डॉक्टर ने पुलिस को बताया कि वह स्मैक एक पहले से परिचित महिला तस्कर से खरीदकर लाया था।उसने पुलिस को यह भी बताया कि—वह पिछले कुछ महीनों से नशा तस्करी में शामिल हैमहिला तस्कर उसे पहले भी कम मात्रा में स्मैक सप्लाई करती थीइस बार वह बड़े सौदे की तैयारी में थाउसका उद्देश्य स्थानीय ग्राहकों और बाहरी सप्लायरों को सामान उपलब्ध कराना थापुलिस महिला तस्कर की पहचान करने और उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम भेज चुकी है।
डॉक्टर कैसे बना तस्कर? पुलिस खंगाल रही पृष्ठभूमि
पुलिस अब आरोपी की निजी और पेशेवर पृष्ठभूमि की भी जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि एक मेडिकल प्रोफेशन से जुड़ा व्यक्ति कैसे और कब नशे के कारोबार में उतर गया।संभावित कारण जिन पर पुलिस जांच कर रही है:आर्थिक दबाव या कर्जनशा रैकेट से जुड़ावकिसी गिरोह की धमकी या दबावखुद नशे की लतत्वरित पैसे कमाने की लालसापुलिस का कहना है कि अभी जांच शुरुआती चरण में है और कुछ भी साफ तौर पर कहना जल्दबाजी होगी।
नशे का नेटवर्क कितना बड़ा? पुलिस जांच कर रही कड़ी-दर-कड़ी
इस मामले के बाद विकासनगर क्षेत्र में नशा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क की संभावनाएं मजबूत हो गई हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि:क्या डॉक्टर किसी बड़े गिरोह का हिस्सा था?उसके पास बनाए गए ग्राहकों की लिस्ट क्या है?महिला तस्कर किस गिरोह के संपर्क में है?नशा कहां से आता था और कहां सप्लाई होता था?स्थानीय थाने के अधिकारियों ने बताया कि यह सिर्फ “एक व्यक्ति का मामला” नहीं लगता, बल्कि एक संगठित तस्करी चैन का हिस्सा प्रतीत हो रहा है।
पुलिस ने दर्ज की FIR, कई धाराओं में कार्रवाई
आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की गई है, जिनमें—अवैध रूप से नशीला पदार्थ रखनेअवैध खरीद-फरोख्ततस्करी की साजिश
जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।इन धाराओं में दोषी पाए जाने पर 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
स्थानीय लोगों में दहशत—“डॉक्टर तस्कर कैसे बन गया?”
इस मामले ने स्थानीय निवासियों को भी झकझोर दिया है। एक डॉक्टर, जो समाज में विश्वास और सम्मान का प्रतीक माना जाता है, उसी का इतने बड़े नशा रैकेट में शामिल होना लोगों के लिए चौंकाने वाला है।लोगों का कहना है कि यदि शिक्षित और प्रोफेशनल लोग भी ऐसे अपराधों में शामिल होने लगें, तो समाज पर इसका गलत संदेश जाता है।
पुलिस की अपील: संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत दें जानकारी
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय थाने को दें, ताकि ऐसे खतरनाक नशा रैकेट्स पर लगाम लगाई जा सके।
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