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Aaj Ka Panchang 29 December 2025

20 November 2025: मार्गशीर्ष अमावस्या पर शुभ-अशुभ योग और राहुकाल का समय

20 नवंबर 2025, गुरुवार के दिन मार्गशीर्ष अमावस्या पड़ रही है, जो पितृ तर्पण, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह में आने वाली यह अमावस्या आत्मिक शांति, पितृ कृपा और आध्यात्मिक साधना को बढ़ाने का अवसर प्रदान करती है। मान्यता है कि इस दिन पितरों को तर्पण व जल अर्पण करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है। एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक के अनुसार इस अमावस्या पर कई महत्वपूर्ण योग, मुहूर्त और अशुभ काल बन रहे हैं, जिनकी जानकारी साधना और दान-पुण्य करने वालों के लिए अत्यंत आवश्यक है।

 

मार्गशीर्ष अमावस्या का धार्मिक महत्व

हिंदू शास्त्रों के अनुसार मार्गशीर्ष अमावस्या मोक्ष, पितृ तर्पण और आध्यात्मिक उत्थान का विशेष अवसर है। आज के दिन पितरों के लिए तर्पण, दीपदान, तिलदान और पिंडदान करने का विधान बताया गया है। भगवान विष्णु, शिव और माता लक्ष्मी की उपासना करने से पितृदोष से मुक्ति और परिवार में सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। नदी, सरोवर या पवित्र जल में स्नान करने से अनेक पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मार्गशीर्ष अमावस्या ध्यान, साधना और आत्मचिंतन का श्रेष्ठ समय माना गया है।

 

आज की तिथि, योग और करण

आज अमावस्या तिथि दोपहर 12:16 बजे तक रहेगी। इसके बाद नई तिथि का प्रारंभ होगा। आज का मुख्य योग शोभन है, जो प्रातः 09:53 बजे तक प्रभावी रहेगा। यह योग धार्मिक कार्यों और मनोकामना पूर्ति के लिए शुभ माना जाता है। आज नाग करण दोपहर 12:16 बजे तक चलेगा, इसके बाद किम्स्तुघ्न करण प्रारंभ होगा, जो 21 नवंबर की रात्रि 01:32 बजे तक चलेगा। इन तिथियों और करणों के आधार पर किए गए धार्मिक कार्य विशेष फलदायी माने गए हैं।

 

सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त

आज सूर्योदय सुबह 06:48 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 05:26 बजे होगा। आज मार्गशीर्ष अमावस्या होने के कारण चंद्रोदय नहीं होगा, किंतु चंद्रमा अस्त सायं 05:13 बजे होगा। सूर्य और चंद्रमा की यह सटीक स्थिति पंचांग की गणना में विशेष महत्व रखती है और धार्मिक अनुष्ठानों के समय निर्धारण में मुख्य भूमिका निभाती है।

 

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त आज प्रातः 11:45 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ और कार्यसिद्धि देने वाला समय माना जाता है। इसके अतिरिक्त अमृत काल 21 नवंबर की रात्रि 02:15 बजे से 04:03 बजे तक रहेगा। इन मुहूर्तों में किए गए कार्यों में सफलता की संभावना अधिक मानी जाती है।

 

आज के अशुभ समय (राहुकाल, गुलिकाल, यमगंड)

राहुकाल दोपहर 01:26 बजे से 02:46 बजे तक रहेगा। इस समय में किसी भी नए कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए। गुलिक काल सुबह 09:27 बजे से 10:47 बजे तक और यमगंड सुबह 06:48 बजे से 08:07 बजे तक रहेगा। पंचांग के अनुसार ये काल अशुभ माने जाते हैं और इन्हें यात्रा, लेनदेन और नए कार्यों के लिए टालना चाहिए।

 

आज का नक्षत्र: विशाखा

चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में विचरण करेंगे, जो प्रातः 10:58 बजे तक प्रभावी रहेगा। विशाखा नक्षत्र के जातक मेहनती, महत्वाकांक्षी, ईमानदार और तेजस्वी माने जाते हैं। इस नक्षत्र का प्रतीक विजय का मेहराब है और इसके देवता इंद्राग्नि हैं। बृहस्पति इसका स्वामी माना गया है, जिसके कारण आज का दिन ज्ञान, साधना और शिक्षा के लिए अनुकूल है।

 

मार्गशीर्ष अमावस्या पर करने योग्य कार्य

आज के दिन स्नान, तर्पण, पिंडदान, तिलदान, दीपदान और भगवान विष्णु-शिव की पूजा अत्यंत शुभ मानी जाती है। जरूरतमंदों को भोजन कराना, कंबल, वस्त्र, गुड़, तिल और अन्न का दान करना विशेष फलदायी होता है। आज संयम, शांतचित्त, जप-तप और साधना करने से मानसिक शांति, पितृ कृपा और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।

 

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