धर्मनगरी टोडारायसिंह में चार माह तक चातुर्मास कर रही परम पूजनीय चारित्र महोदधि आर्यका 105 श्री विष्णु प्रभा माताजी ससंघ का शुक्रवार को शाम 4.30 बजे विहार संपन्न हुआ। माताजी का विहार देख सैकड़ों जैन धर्मावलंबियों की आंखें नम हो गई।
श्रद्धालुओं ने दी भावपूर्ण विदाई
माताजी की विदाई के लिए पूरा समाज उमड़ पड़ा। बच्चों से लेकर बड़ों तक सबकी आंखें नम हो गई। श्रद्धालुओं ने “माताजी हम सबको भूल न जाना, लौट के जल्दी आना, भगवान की जय, गुरू मां जय हो” जैसे गगनभेदी नारों से माताजी का उत्साहवर्धन किया। पदम प्रभु जिनालय में इन नारों की गूंज बनी।
चातुर्मास समाप्ति पर धर्म सभा
ओजस्वी वक्ता परम पूजनीय श्री विष्णु प्रभा माताजी ने पदम प्रभु जिनालय में दोपहर को चातुर्मास समाप्ति पर धर्म सभा का आयोजन किया। माताजी ने जैन धर्मावलंबियों को संबोधित करते हुए कहा कि चार माह तक साधना से जुड़ने का प्रयास किया। अब इस जुड़ाव को बनाकर रखना और सुने गए सूत्रों का चिंतन रोज करना चाहिए।
माताजी के आगामी कार्यक्रम
माताजी आगामी दिनों में मालपुरा, डिग्गी, चौसला, फागी और चित्रकूट कालोनी सांगानेर, जयपुर के लिए प्रस्थान करेंगी। वहां वे अपने गुरु आचार्य सुन्दर सागर महाराज ससंघ से मिलन करेंगी और 3 नवम्बर को दीक्षा समारोह में भाग लेंगी।
समाज के प्रति माताजी का संदेश
चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष नरेंद्र कुमार जैन ने समाज की महिला मंडल और सभी युवाओं का धन्यवाद किया, जिन्होंने चातुर्मास के निर्विघ्न संपन्न होने में सहयोग दिया। साथ ही किसी भी भूल के लिए क्षमा प्रकट की। माताजी ने कहा कि साधना से जुड़ाव बनाए रखें, सुने गए सूत्रों का चिंतन और मनन करें और तन-मन-धन का सदुपयोग समाज के हित के लिए करें।
चार माह तक चातुर्मास करने वाली श्री विष्णु प्रभा माताजी ससंघ की विदाई ने समाज में भक्ति और श्रद्धा का भाव बढ़ाया। माताजी का मार्गदर्शन और उनके संदेश से जैन धर्मावलंबियों में साधना और समाज सेवा की भावना और मजबूत हुई।
संवाददाता Umashankar
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