इजराइल और हमास के बीच 9 अक्टूबर को लागू हुए युद्धविराम के बाद गाजा पर सबसे बड़ा हमला हुआ। सोमवार रात इजराइल ने गाजा सिटी, खान यूनिस और बेत लहिया जैसे इलाकों में हवाई हमले किए। इसमें 104 लोगों की मौत हुई, जिनमें 46 बच्चे शामिल हैं, जबकि 253 लोग घायल हुए।
हमले के बाद चारों ओर मलबा और धुआं फैल गया। अस्पतालों में घायलों की भीड़ लग गई और राहत दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं।
हमास पर इजराइल का आरोप, पहले तोड़ा युद्धविराम
इजराइल का दावा है कि हमास ने पहले सीजफायर तोड़ते हुए उसके सैनिकों पर हमला किया था। इसके जवाब में यह कार्रवाई की गई। हालांकि, हमास ने इस आरोप से इनकार किया और कहा कि वह युद्धविराम का पालन कर रहा था।
हमास ने इजराइली हमलों को निर्दोष नागरिकों पर सीधा हमला बताया और कहा कि इजराइल जानबूझकर तनाव बढ़ाना चाहता है।
खान यूनिस में बच्चों समेत पांच की मौत
गाजा के खान यूनिस इलाके में इजराइल ने एक कार को निशाना बनाया, जिसमें दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। शहर के कई इलाकों में बिजली और इंटरनेट सेवाएं ठप हो गईं। लोगों को खाना और पानी जुटाने में परेशानी हो रही है।

ट्रम्प ने इजराइल का समर्थन किया
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइल की कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि “अपने सैनिकों की हत्या के बाद इजराइल को आत्मरक्षा का अधिकार है।”
ट्रम्प ने यह भी कहा कि इस हमले से युद्धविराम को खतरा नहीं है, बल्कि यह आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई है।
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Drone footage has been released showing Hamas terrorists bring out the remains of a hostage who's body had already been returned
Then they buried him and called the Red Cross as if they had found him then https://t.co/to0MouLxqD pic.twitter.com/AsZYjN9nq7
— Open Source Intel (@Osint613) October 28, 2025
हमास पर झूठ बोलने का आरोप
इजराइल ने दावा किया कि हमास ने हाल ही में एक इजराइली सैनिक के शव को लौटाने का नाटक किया। ड्रोन फुटेज में दिखा कि हमास ने दिसंबर 2023 में मारे गए सैनिक ओफिर त्जारफाती के शव के टुकड़े को पुराने वीडियो की तरह पेश किया।
इसी के बाद इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई और गाजा पर जवाबी कार्रवाई का आदेश दिया।

रक्षा मंत्री बोले- हमास ने रेड लाइन क्रॉस की
इजराइली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि “हमास ने रेड लाइन पार कर दी है, अब उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।” उन्होंने कहा कि देश अपने नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।
वहीं, गाजा की स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक कुल 211 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और 597 घायल हैं।
गाजा में बढ़ा मानवीय संकट
गाजा में लगातार हो रहे हमलों से खाद्य संकट और बेघर होने की समस्या बढ़ रही है। कई इलाकों में पानी और बिजली की सप्लाई बाधित है। हमास ने कहा कि इजराइली हमलों की वजह से वह बंदियों के शव लौटाने का कार्यक्रम रोक रहा है।
फिलिस्तीन के मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि निर्दोष नागरिकों की मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है।

शांति समझौता फिर खतरे में
ट्रम्प ने 13 अक्टूबर को मिस्र के शर्म-अल-शेख में गाजा शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें हमास से हथियार डालने की शर्त रखी गई थी।
अब इजराइल के इस हमले के बाद समझौते के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि दो साल में 68,500 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं।





