कोटा | संवाददाता: तेजपाल सिंह बग्गा
गीता जयंती के अवसर पर आयोजित ‘एक मिनट–एक साथ गीता पाठ’ वैश्विक अभियान को अद्वितीय और अभूतपूर्व सफलता मिली है। गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज के आह्वान पर आयोजित इस अभियान में भारत सहित विश्वभर के लाखों लोगों ने एक साथ भगवद्गीता के श्लोकों का पाठ किया। इस आयोजन का उद्देश्य विश्व को एकता, शांति और आध्यात्मिक चेतना के सूत्र में जोड़ना था।
विश्वभर के 5 करोड़ लोग हुए शामिल, एक साथ गूंजे गीता के तीन श्लोक
जीओ गीता परिवार राजस्थान के संयोजक किशन पाठक ने बताया कि स्वामी ज्ञानानंद महाराज के संदेश पर देश–विदेश के लगभग 5 करोड़ लोगों ने एक ही समय पर गीता के तीन महत्वपूर्ण श्लोकों का उच्चारण किया।इन तीन श्लोकों में गीता का सार समाहित है—
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प्रथम अध्याय का प्रथम श्लोक
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नौवें अध्याय का 22वाँ श्लोक
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अठारहवें अध्याय का 78वाँ श्लोक
इन श्लोकों के माध्यम से अधर्म पर धर्म की स्थापना, भक्तों की रक्षा तथा कर्म और कर्तव्य के संदेश को वैश्विक समुदाय तक पहुँचाया गया।
कोटा में ऐतिहासिक सहभागिता: पांच लाख से अधिक लोगों ने एक साथ किया पाठ
कोटा महानगर इस अभियान का एक प्रमुख केंद्र बना। यहां 5 लाख से अधिक लोगों ने गीता पाठ में हिस्सा लिया। मुख्य कार्यक्रम गीता भवन सभागार, सरोवर रोड, कोटा पर आयोजित हुआ, जिसे परणगीता सत्संग आश्रम समिति के सहयोग से सम्पन्न किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत महात्मा, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, आध्यात्मिक संस्थानों के प्रतिनिधि और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विशेष अतिथि और गणमान्य रहे मौजूद
कार्यक्रम में कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला, नगरपालिका प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद और शहर की कई सांस्कृतिक–धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर से कहा कि गीता का संदेश न केवल भारत के लिए बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए जीवन का मार्गदर्शन है और ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
गीता मनीषी महाराज का उद्देश्य—‘हम एक बने, हम एक रहे’
महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने अपने संदेश में कहा कि गीता मानवता को जोड़ने का मार्ग है। आज जब दुनिया तनाव, अशांति और वैचारिक टकराव से जूझ रही है, ऐसे में गीता के श्लोक मनुष्य को स्थिरता, शक्ति और सुकून प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्व भर के लोगों से आह्वान किया कि गीता के उपदेश को केवल पाठ तक सीमित न रखें, बल्कि उसे जीवन में धारण करें।
युवाओं और बच्चों की बड़ी भागीदारी
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, कॉलेज विद्यार्थियों और स्कूली बच्चों ने भी हिस्सा लिया। गीता के श्लोकों को समझने और अपनाने की दिशा में यह अभियान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया। आयोजकों के अनुसार, भविष्य में ऐसे कार्यक्रम नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाएंगे।
भविष्य में और विस्तारित रूप में आयोजित होगा अभियान
जीओ गीता परिवार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और अधिक देशों और समुदायों तक पहुँचाया जाए। अभियान का उद्देश्य है—
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विश्वभर में आध्यात्मिक एकता बढ़ाना
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गीता के उपदेशों को जीवन और समाज में व्यवहारिक रूप से लागू करना
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युवा पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ना
गीता जयंती पर आयोजित यह विश्वव्यापी कार्यक्रम न केवल आस्था का उत्सव था, बल्कि मानवता को जोड़ने का एक प्रेरणादायी प्रयास भी था। 5 करोड़ लोगों का एक साथ गीता पाठ करना एक ऐतिहासिक घटना है, जो आने वाले वर्षों में आध्यात्मिक चेतना की नई दिशा तय करेगा।





