बाराँ (किशनगंज), संवाददाता: मदन शक्यवाल
किशनगंज क्षेत्र के प्रसिद्ध रामगढ़ क्रेटर में पिछले पाँच दिनों से एक अफ्रीकी चीताशावक KP-2 ने लोगों में दहशत फैला रखी है। यह शावक मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो अभ्यारण्य से निकलकर राजस्थान के बारां जिले की किशनगंज तहसील के जंगलों में विचरण कर रहा है।स्थानीय वन विभाग के अनुसार, रामगढ़ क्रेटर की दूरी कूनो अभ्यारण्य से लगभग 60 किलोमीटर है। बताया जा रहा है कि पिछले एक माह से यह शावक श्योपुर जिले के सामान्य वन मंडल के आवदा क्षेत्र, श्योपुर–बारां बॉर्डर के जंगलों और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लगातार घूम रहा था।
दो बार किया शिकार — नीलगाय और गाय के बछड़े को बनाया निशाना
क्षेत्रवासियों ने बताया कि यह “मेहमान शिकारी” गुरुवार को पहली बार रामगढ़ क्षेत्र में दिखाई दिया था। गुरुवार रात इसने अपनी उम्र से काफी बड़ी नीलगाय को शिकार बनाकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।इसी क्रम में रविवार को यह शावक कृष्णाई–अन्नपूर्णा देवी मंदिर की पहाड़ियों में देखा गया, जहाँ इसने गांव की एक गाय के बछड़े का शिकार किया। मंदिर परिसर के आसपास रहने वाले लोग इसे अपनी आस्था का स्थान मानते हैं, ऐसे में जंगली शिकारी का प्रवेश स्थानीय लोगों के लिए भय का कारण बन गया है।
रात में मंदिर की पहाड़ियों पर घूमता रहा शावक, ग्रामीणों में दहशत
रामगढ़ निवासी लालू लाल गुर्जर ने बताया कि शावक शुक्रवार रात मंदिर की पहाड़ी में प्रवेश कर गया था। इसके बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत बढ़ गई है।रविवार शाम करीब 6 बजे यह फिर से ब्रह्मपुरा परिक्रमा मार्ग के समीप स्थित एक सुनसान तलाई के पास दिखाई दिया। इसी दौरान इसने एक और गाय के बछड़े को शिकार बनाया।KP-2 का बार-बार आबादी वाले क्षेत्रों के करीब पहुंचना वन विभाग के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे इंसानों और पालतू पशुओं दोनों को खतरा बढ़ता जा रहा है।ग्रामीण लगातार वन विभाग से गश्त बढ़ाने और शावक को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजने की मांग कर रहे हैं।
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